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       <title>Today बिहार आरक्षण News | Latest बिहार आरक्षण News | Breaking बिहार आरक्षण News in English | Latest बिहार आरक्षण News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का बिहार आरक्षण समाचार:Today बिहार आरक्षण News ,Latest बिहार आरक्षण News,Aaj Ka Samachar ,बिहार आरक्षण समाचार ,Breaking बिहार आरक्षण News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Ashiwini Choubey: अश्विनी चौबे का CM नीतीश पर बड़ा हमला, बोले- मंशा साफ नहीं…</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/ashiwini-choubey-ashwini-choubeys-big-attack-on-cm-nitish-said-the-intention-is-not-clear/</link><pubDate>November 30, 2023, 6:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/2-10.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे दिल्ली से पटना पहुंचे थे। यहां उन्होंने पटना एयरपोर्ट पर बड़ा बयान दिया है। दरअसल, मीडिया द्वारा अश्विनी चौबे से यह सवाल किया गया कि बीजेपी पर आरोप लग रहे हैं कि पार्टी पिछले दरवाजे से जातिगत गणना की तरह बिहार...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे दिल्ली से पटना पहुंचे थे। यहां उन्होंने पटना एयरपोर्ट पर बड़ा बयान दिया है। दरअसल, मीडिया द्वारा अश्विनी चौबे से यह सवाल किया गया कि बीजेपी पर आरोप लग रहे हैं कि पार्टी पिछले दरवाजे से जातिगत गणना की तरह बिहार में लागू 65% आरक्षण को भी कोर्ट में घसीटना चाहती है, इस पर पार्टी का क्या जवाब है? इस सवाल के जवाब में अश्विनी चौबे ने कहा कि सरकार की मंशा साफ नहीं है। जो वास्तव में समाज के शोषित लोग हैं, उनके प्रति इनका ध्यान ही नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दृष्टिकोण से जो हर तरह से ऊंचे हैं, वह ऊंचे बनते रहें। क्या लालू यादव राजनीतिक परिवार से संबंध रखते हैं तो क्या उन्हीं के वंश का विकास हो? जब तक समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति का विकास नहीं होगा, तब तक बिहार का विकास संभव नहीं है। अश्विनी चौबे ने कहा कि ये सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगुवाई में हो रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केंद्रीय मंत्री का नीतीश कुमार पर हमला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि वह बिहार को 90 के दशक में ले जा रहे हैं। वह सामाजिक व्यवस्था का अभाव पैदा कर रहे हैं। वो सनातन शक्ति को तोड़ना चाहते हैं या हिंदुत्व को तोड़ना चाहते हैं लेकिन सनातन और हिंदुत्व कभी टूट नहीं सकता। हम जोड़ने वाले लोग हैं, तोड़ने वाले लोग नहीं हैं। ऐसे में वह बीजेपी पर मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। जो लोग यह कर रहे हैं वह अपने आप हार जाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जेडीयू के तंज पर अश्विनी चौबे का जवाब&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं, हाल ही में बापू सभागार में बीजेपी द्वारा आयोजित झलकारी बाई के कार्यक्रम में पूरा बापू सभागार खाली रहा था, जिसपर जेडीयू ने तंज कसा। अब इस मामले में अश्विनी चौबे ने कहा कि बीजेपी में भीड़ अपने आप आती है। बीजेपी किसी को पैसे देकर नहीं बुलाती। चाहे आंध्र प्रदेश में हो या चाहे कहीं और लोग प्रधानमंत्री की सभा में भी अपने आप जुटते हैं। इनके(जेडीयू) के कहने से कुछ नहीं होने होता।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षकों के दो शिफ्ट में काम करने को बताया सही&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यही नहीं बिहार में शिक्षकों की छुट्टी के बाद अब शिक्षक दो शिफ्ट में काम करेंगे। इस फैसले पर अश्विनी चौबे ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई जरूरी है। दो शिफ्ट में काम करेंगे तो जो सनातन की छुट्टी काटेगा वह अपने कट जाएगा। इस दौरान दो शिफ्ट में काम करने को लेकर उन्होंने कहा कि काम करने पर शिक्षकों को उचित मानदेय मिलना चाहिए। इसके अलावा जेडीयू में मंत्री रत्नेश सदा और अशोक चौधरी के बीच चल रहे विवाद का ऑडियो वायरल होने के बाद उन्होंने कहा कि यह लोग अपने पूर्वजों को गाली देते हैं। यह लोग आपस में लड़ेंगे-मरेंगे नहीं तो क्या करेंगे? जो पूर्वजों को गाली देता है वह स्वयं खत्म हो जाता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Reservation: आरक्षण सीमा बढ़ाने के खिलाफ याचिका पर बोले सुशील मोदी, लिया 2 पार्टियों का नाम का बताया</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-reservation-sushil-modi-spoke-on-the-petition-against-increasing-the-reservation-limit-took-the-names-of-2-parties/</link><pubDate>November 28, 2023, 8:04 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/4-7-300x184.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है। प्रदेश में इस समय आरोप और प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। बता दें कि बिहार में बढ़ाई गई आरक्षण की सीमा के खिलाफ पटना हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। जिस पर बिहार में राजनीति शुरू हो गई है। इस...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है। प्रदेश में इस समय आरोप और प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। बता दें कि बिहार में बढ़ाई गई आरक्षण की सीमा के खिलाफ पटना हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। जिस पर बिहार में राजनीति शुरू हो गई है। इस बीच जेडीयू नेता और मंत्री अशोक चौधरी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह तो पता ही था कि होगा। अब इस पर बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने सोमवार को बयान जारी करते हुए दो पार्टियों पर साजिश करने का आरोप लगाया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूर्व उपमुख्यमंत्री ने याद गिनाए बीजेपी के कार्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बीजेपी ने बिहार में जाति आधारित सर्वे कराने से लेकर आरक्षण की सीमा बढ़ाने वाले विधेयक तक हर स्तर पर समर्थन किया, लेकिन पार्टी को बदनाम करने की साजिश के तहत आरजेडी-कांग्रेस ने आरक्षण सीमा बढ़ाने के विरुद्ध हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर करा दी। जिसका नतीजा सबको पता है। देश पर 55 साल राज करने वाली कांग्रेस ने काका कालेलकर समिति से मंडल आयोग तक हमेशा पिछड़ों-दलितों के आरक्षण का विरोध किया। आरजेडी ने 2001 में पिछड़ों को आरक्षण दिए बिना बिहार में पंचायत चुनाव कराए थे। पंचायतों में पिछड़ों को आरक्षण तब मिला, जब बीजेपी और सहयोगी दलों की सरकार बनी। सुशील मोदी ने कहा कि जब बिहार की कर्पूरी ठाकुर सरकार ने पिछड़े वर्गों को पहली बार नौकरी में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस-आरजेडी पर निशाना साधा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान प्रधानमंत्री का नाम लेते हुए सुशील मोदी ने कहा कि पिछड़े-गरीब परिवार से आने वाले पीएम नरेंद्र मोदी ने सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए आरक्षण को 50 फीसदी की अधिकतम सीमा तक तोड़ कर जो रास्ता दिखाया, बिहार सरकार ने उसी का अनुसरण किया। आरजेडी-कांग्रेस गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के साथ खड़ी बीजेपी को बर्दाश्त नहीं कर पाते इसलिए वो कोर्ट-कचहरी के जरिए राजनीति करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम नीतीश के बयान पर क्या बोले पूर्व उपमुख्यमंत्री&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं जेडीयू के भीम संसद कार्यक्रम को लेकर सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार का यह कहना सही है कि 2005 के पहले दलितों पर ध्यान नहीं दिया जाता था। आरजेडी सरकार के समय लक्ष्मणपुर बाथे, बथानी टोला जैसे दर्जन भर बड़े नरसंहार हुए लेकिन आज आरजेडी दलितों की हितैषी बन रहा है और खूनी इतिहास को भुलाना चाहती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Reservation: आरक्षण के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका पर ललन सिंह ने बीजेपी पर लगाया आरोप</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-reservation-lalan-singh-blames-bjp-on-petition-in-high-court-against-reservation/</link><pubDate>November 27, 2023, 12:42 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/12-3-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार की नई आरक्षण नीति के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। यह महागठबंधन सरकार के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है। वहीं, इसे लेकर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने सोमवार को प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बीजेपी पर हमला बोल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार की नई आरक्षण नीति के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। यह महागठबंधन सरकार के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है। वहीं, इसे लेकर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने सोमवार को प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि पटना हाई कोर्ट में बीजेपी ने याचिका दाखिल कराई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी आरक्षण विरोधी है। बीजेपी नहीं चाहती थी कि आरक्षण का दायरा बढ़ाया जाए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ललन सिंह ने बीजेपी पर निशाना साधा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि आंकड़ा हम लोगों के पास है। वह न्यायालय में पेश किया जाएगा। हमारे पास सभी तथ्य हैं। बीजेपी हर बात पर न्यायालय में जाती है। इससे पहले नगर निकाय का चुनाव रुकवाने के लिए भी बीजेपी कोर्ट में गई थी, लेकिन नगर निकाय का चुनाव हुआ। ललन सिंह ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था के साथ यही हुआ। बिहार सरकार जाति आधारित जनगणना करा रही थी तो उसको भी रुकवाने के लिए बीजेपी, पटना हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आरक्षण का दायरा बढ़ाने पर याचिका दायर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बिहार सरकार द्वारा आरक्षण का दायरा बढ़ाने के फैसले पर पटना हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस दौरान पटना सिविल सोसाइटी की ओर से कोर्ट में याचिका दायर की गई। जिसकी एक कॉपी बिहार के महाधिवक्ता पीके शाही के ऑफिस को भेजी गई है। याचिकाकर्ता ने यह दलील देते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है कि ये मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Reservation: महागठबंधन की आरक्षण मुहिम को बड़ा झटका, पटना हाईकोर्ट में दायर याचिका</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-reservation-big-blow-to-grand-alliances-reservation-campaign-petition-filed-in-patna-high-court/</link><pubDate>November 27, 2023, 11:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/9-5-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। महागठबंधन के द्वारा क्षेणी गई आरक्षण की मुहिम को बड़ा झटका लगा है। बताया जा रहा है कि इसे लेकर पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका की कॉपी को एडवोकेट जनरल के पास भेजी गई है। दरअसल, बिहार में 65% आरक्षण को पटना हाईकोर्ट में च...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; महागठबंधन के द्वारा क्षेणी गई आरक्षण की मुहिम को बड़ा झटका लगा है। बताया जा रहा है कि इसे लेकर पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका की कॉपी को एडवोकेट जनरल के पास भेजी गई है। दरअसल, बिहार में 65% आरक्षण को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस दौरान याचिकाकर्ता ने दलीलें दी हैं कि ये मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। बता दें कि जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट आने के बाद बिहार सरकार ने आरक्षण का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया। जिसके बाद इसे लेकर विधेयक सर्वसम्मति से विधानसभा में पास करा लिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;याचिकाकर्ताओं की दलील&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं जानकारी के अनुसार ये जनहित याचिका गौरव कुमार व नमन श्रेष्ठ द्वारा दायर की गई है। इस याचिका की एक कॉपी बिहार के महाधिवक्ता पीके शाही के ऑफिस में भी भेजी गई। जिसके अंतर्गत याचिकाकर्ता ने इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इस बीच याचिकाकर्ता ने दलीलें पेश करते हुए कहा कि ये मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई थी न कि जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने का प्रावधान किया गया था। इन दलीलों के अनुसार 2023 का जो संशोधित अधिनियम बिहार सरकार ने पारित किया है, वह भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शीतकालीन सत्र में पारित हुआ बिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, बिहार सरकार ने सरकारी नौकरी और स्कूल संस्थानों में पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित और महादलित को मिलने वाले आरक्षण को 50 फीसदी से बढ़ाकर 65 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा बिहार में कुल आरक्षण का दायरा 75 फीसदी पहुंच चुका है। इसमें अगड़ी जातियों में से आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने की सीमा है। जबकि बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में विधानसभा और विधानपरिषद से सर्वसम्मति से आरक्षण संसोधन बिल 2023 पारित हुआ। इस बिल को राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था। जहां राज्यपाल ने इसको मंजूरी दे दी है और यह लागू हो गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम नीतीश ने किया था ऐलान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गौरतलब है कि बिहार सरकार ने खुद से राज्य में जाति आधारित जनगणना करवाई थी। इसके साथ ही सरकार ने आर्थिक सर्वे भी कराया। बिहार सरकार ने इसकी रिपोर्ट को विधानसभा में पेश किया। जहां चर्चा के दौरान सीएम नीतीश ने आरक्षण के मौजूदा दायरा को बढ़ाने का ऐलान किया था। जिसके लिए सीएम नीतीश ने आरक्षित वर्ग की जनसंख्या और उसकी आर्थिक स्थिति को आधार बनाया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Sushil Kumar Modi: आरक्षण को 9वीं सूची में शामिल कराने को लेकर सुशील मोदी ने दी प्रतिक्रिया</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/sushil-kumar-modi-sushil-modi-reacted-on-inclusion-of-reservation-in-the-9th-list/</link><pubDate>November 26, 2023, 9:06 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/6-7-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में आरक्षण की सीमा को 9वीं अनुसूची में शामिल किए जाने के मुद्दे में राजनीति जारी है। बता दें इस मुद्दे पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने बीते शनिवार को कहा कि यह जो बिहार सरकार दुष्प्रचार कर रही ह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में आरक्षण की सीमा को 9वीं अनुसूची में शामिल किए जाने के मुद्दे में राजनीति जारी है। बता दें इस मुद्दे पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने बीते शनिवार को कहा कि यह जो बिहार सरकार दुष्प्रचार कर रही है कि आरक्षण के कानून को 9वीं सूची में शामिल कर दिया जाए तो उस पर कोई चुनौती नहीं होगी, कोई न्यायालय प्रक्रिया में नहीं जाएगा, यह पूरी से तरह गलत है। उन्होंने कहा कि 2007 में ही जस्टिस शर्मा के सुपरवाल की बेंच ने फैसला सुनाया था कि किसी भी नियम को 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाता है तो उसे भी चुनौती दी जा सकती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;तमिलनाडु के आरक्षण फैसले को SC में चुनौती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुशील कुमार मोदी ने कहा कि तमिलनाडु में जो 69% आरक्षण हुआ उसे भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। यह अलग बात है कि अब तक उस पर कोई फैसला नहीं आया। तमिलनाडु के बाद आज तक किसी भी राज्य में इस तरह के विधेयक को 9वीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया। सुशील मोदी ने कहा कि संविधान में संशोधन करने के लिए उनके पास लोकसभा में बहुमत नहीं है और संविधान में संशोधन करने के लिए सभी दलों की सहमति यह लंबी प्रक्रिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुशील मोदी ने रखा बीजेपी का पक्ष&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश सरकार गलत प्रचार कर रही है। यह कानूनी लड़ाई लड़ने के बजाए केंद्र के मत्थे फेंक रहे हैं। वहीं जब सुशील मोदी से यह सवाल किया गया, क्या बीजेपी आरक्षण को 9वीं अनुसूची में शामिल करने के पक्ष में है या नहीं? इस पर सुशील मोदी ने सीधे तौर पर कहा कि यह कोई विषय ही नहीं है, क्योंकि 2007 के बाद यह क्लियर हो गया कि 9वीं अनुसूची में शामिल करने पर भी न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है।&lt;/p&gt;
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