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       <title>Today पितृपक्ष 2024 News | Latest पितृपक्ष 2024 News | Breaking पितृपक्ष 2024 News in English | Latest पितृपक्ष 2024 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का पितृपक्ष 2024 समाचार:Today पितृपक्ष 2024 News ,Latest पितृपक्ष 2024 News,Aaj Ka Samachar ,पितृपक्ष 2024 समाचार ,Breaking पितृपक्ष 2024 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Pitru Paksha: क्या पितृ पक्ष के दौरान बहू-बेटी भी कर सकती हैं पिंडदान? जानिए क्या हैं नियम</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/pitru-paksha-can-daughter-in-law-and-daughter-also-do-pind-daan-during-pitru-paksha-know-what-the-rules-are/</link><pubDate>September 21, 2024, 5:54 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/download-1-7.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना: 17 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू हो चुका है. पितृ पक्ष के दौरान पितरों का पिंडदान किया जाता है। पिंड विशेष रूप से मृत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए चढ़ाए जाते हैं। पितृ पक्ष हर वर्ष भाद्रपद माह की पूर्णिमा से शुरू होता है और आश्विन महीने क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; 17 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू हो चुका है. पितृ पक्ष के दौरान पितरों का पिंडदान किया जाता है। पिंड विशेष रूप से मृत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए चढ़ाए जाते हैं। पितृ पक्ष हर वर्ष भाद्रपद माह की पूर्णिमा से शुरू होता है और आश्विन महीने की अमावस्या तक चलता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पितृ पक्ष सभी के लिए बेहद महत्वपूर्ण पल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि पितृ पक्ष के दौरान हिंदू परिवार अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उनका श्राद्ध करते हैं। यह समय उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जिन्होंने परिवार के किसी सदस्य को खो चुके है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मान्यताओं के अनुसार बेटा पात्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पितृ पक्ष के दौरान दिवंगत आत्मा को पिंडदान करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। आमतौर पर पिंडदान पुत्र द्वारा किया जाता है। मान्यताओं के अनुसार एक पुत्र ही अपने पिता और पूर्वजों की आत्मा को शांति प्रदान कर सकता है। लेकिन, अब सवाल ये है कि क्या बहू या बेटी इस काम को कर सकती हैं?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बेटियां व बहुएं भी कर सकती हैं पिंडदान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कई विद्वानों का मानना है कि बहुएं और बेटियां भी पिंडदान कर सकती हैं, खासकर जब परिवार में कोई बेटा न हो। कई परिवारों में पिंडदान बहू या बेटी से करवाने की परंपरा भी देखी जा रही है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि पिंडदान के दौरान उनके पति का उनके साथ रहना जरूरी है। इसलिए अगर आप बहू या बेटी हैं और अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देना चाहती हैं तो पितृ पक्ष आपके लिए महत्वपूर्ण समय है। ऐसा माना जाता है कि वे अपने पूर्वजों को भी सम्मान दे सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पितृ पक्ष में मृत परिजनों को दे पानी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;धार्मिक जानकारों का कहना है कि अगर परिवार में बेटा नहीं है तो बहू या बेटी को पिंडदान करने का अधिकार है। बता दें कि पितृ पक्ष के दौरान मृत परिजनों का पिंडदान करना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसे भूत-प्रेत से बचाने के लिए पितृ तर्पण करना जरूरी होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पिंडदान नहीं करने से होते है ये नुकसान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;माना जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान पितरों को किया गया तर्पण उन्हें मुक्ति दिलाता है और उन्हें प्रेत लोक से मुक्ति मिल जाती है। ऐसा कहा जाता है कि अगर पितरों का पिंडदान नहीं किया जाए तो पितरों की आत्माएं अप्रसन्न और असंतुष्ट रहती हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Pitru Paksha: जाने कब होगी पितृपक्ष की शुरूआत और समाप्ति, जानें पिंड दान का सबसे उत्तम समय</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/pitru-paksha-know-when-pitru-paksha-will-start-and-end-know-the-best-time-for-pind-daan/</link><pubDate>September 10, 2024, 6:13 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/pitr-300x169.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। पितृपक्ष को श्राद्ध पक्ष भी कहा जाता है। इसे मृतक पूर्वजों को समर्पित करने के लिए महत्वपूर्ण अवधि माना जाता है। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का बहुत महत्व होता है। इस दौरान लोग अपने पितरों को खुश और संतुष्ट करने की कोशिश करते है। ऐसा माना जात...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; पितृपक्ष को श्राद्ध पक्ष भी कहा जाता है। इसे मृतक पूर्वजों को समर्पित करने के लिए महत्वपूर्ण अवधि माना जाता है। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का बहुत महत्व होता है। इस दौरान लोग अपने पितरों को खुश और संतुष्ट करने की कोशिश करते है। ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष की शुरुआत भाद्रपद पूर्णिमा तिथि से होती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पितृपक्ष की शुरूआत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दिन उन पूर्वजों के सम्मान में श्राद्ध किया जाता है। मान्याता है कि पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों की आत्माएं धरती पर आती हैं। पितृपक्ष के दौरान पितरों का श्राद्ध करने से जन्म कुंडली में पाए गए पितृ दोष से भी छुटकारा पाया मिलता है। इस साल पितृ पक्ष का शुरूआत कब से हो रही है इसे लेकर लोगों को कंफ्यूजन है। हिंदू पंचांग की माने तो पितृ पक्ष का शुरूआत 17 सितंबर से हो रही है, लेकिन इस दिन श्राद्ध नहीं किया जा सकता।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पितृपक्ष की समाप्ति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दिन भाद्रपद पूर्णिमा का श्राद्ध है और पितृपक्ष में श्राद्ध कर्म के काम तिथि और समय के मुताबिक ही किए जाते है, इसलिए 17 तारीख को ऋषियों के नाम से जल का दान किया जायेगा। श्राद्ध पक्ष का आरंभ प्रतिपदा तिथि के अनुसार ही होता है। ऐसे में 18 सितंबर से पिंडदान, तर्पण, ब्राह्मण भोजन, दान आदि कामों की शुरूआत हो जाएगी। पितृ पक्ष का आरंभ देखा जाये तो 18 सितंबर से हो रहा है और इसकी समाप्ति 2 अक्टूबर को होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुहूर्त के मुताबिक करें श्राद्ध कर्म&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शास्त्रों के मुताबिक पितृ पक्ष में सुबह और शाम के वक्त देवी- देवताओं की पूजा को शुभ बताया गया है। साथ ही पितरों की पूजा के लिए दोपहर का समय उत्तम होता है। वहीं पितरों की पूजा के लिए सबसे उत्तम समय 11:30 से 12:30 बजे तक बताया जाता है, इसलिए आपको पंचांग में अभिजीत मुहूर्त देखने के बाद श्राद्ध कर्म करना चाहिए।&lt;/p&gt;
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