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       <title>Today पटना हाईकोर्ट News | Latest पटना हाईकोर्ट News | Breaking पटना हाईकोर्ट News in English | Latest पटना हाईकोर्ट News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का पटना हाईकोर्ट समाचार:Today पटना हाईकोर्ट News ,Latest पटना हाईकोर्ट News,Aaj Ka Samachar ,पटना हाईकोर्ट समाचार ,Breaking पटना हाईकोर्ट News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/%e0%a4%aa%e0%a4%9f%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f</link>
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            <title>Inkhabar</title>
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        </image><item><title>सुप्रीम कोर्ट BPSC मुद्दे पर नहीं करेगी सुनवाई, पटना हाईकोर्ट जाने की दी नसीहत</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/supreme-court-will-not-hear-bpsc-issue-advised-to-go-to-patna-high-court/</link><pubDate>January 7, 2025, 11:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-11.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: सुप्रीम कोर्ट ने आज 70वीं बीपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस मामले को पटना हाई कोर्ट में ले जाने की सलाह दी है. इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संज...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट ने आज 70वीं बीपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस मामले को पटना हाई कोर्ट में ले जाने की सलाह दी है. इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने सुनवाई की. बता दें कि 13 दिसंबर को आयोजित 70वीं BPSC प्रीलिम्स परीक्षा को लेकर छात्रों में काफी नाराजगी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहले पटना हाई कोर्ट जाएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बेंच ने बिहार BPSC प्रीलिम्स परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया. साथ ही याचिकाकर्ता को पहले पटना हाई कोर्ट जाने को कहा. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले की प्रथम स्तर पर सुनवाई के लिए उचित मंच नहीं है और अनुच्छेद 226 के तहत इसे पटना उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना बेहतर है. आगे सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह छात्रों और प्रदर्शनकारियों की भावना को समझता है, पर इस मामले पर सीधे तौर पर हस्तक्षेप करने के बजाय याचिकाकर्ता को पटना हाईकोर्ट जाना चाहिए। कोर्ट ने आगे यह भी कहा कि इस तरह के मामले के लिए स्थानीय कोर्ट अधिक प्रभावी मंच होते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;परीक्षा रद्द करने की मांग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि याचिका में BPSC प्रीलिम्स परीक्षा रद्द करने की मांग की गई है. साथ ही प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार जिले के एसपी और डीएम के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई. याचिका में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है और मांग की गई है कि इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में सीबीआई से कराई जाए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;छात्रों पर बेरहमी से लाठीचार्ज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि बिहार पुलिस ने अभ्यर्थियों पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया है और पटना हाई कोर्ट इस पर स्वत: संज्ञान ले सकता था क्योंकि घटना पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के आवास के बाहर हुई थी. इस पर पीठ ने दलील खारिज कर दी और मामले पर आगे सुनवाई से भी इनकार कर दिया.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>CJI: जजों के वेतन रोकने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई फटकार</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/cji-supreme-court-reprimands-bihar-government-for-stopping-salaries-of-judges/</link><pubDate>October 1, 2024, 9:27 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/zxcvb-300x169.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। हाईकोर्ट के जजों के बकाया वेतन जारी करने और न्यायिक अधिकारियों के लिए पेंशन निर्धारित करने के मुद्दे से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को कड़े निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘बिहार सरकार के वर्तमान ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; हाईकोर्ट के जजों के बकाया वेतन जारी करने और न्यायिक अधिकारियों के लिए पेंशन निर्धारित करने के मुद्दे से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को कड़े निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘बिहार सरकार के वर्तमान जज न्यायाधीश आर.पी. मिश्रा का वेतन तुरंत उन्हें दिया जाए, जिनका हाईकोर्ट में प्रमोशन के बाद से सैलरी बाकी है।’&lt;br&gt;बिना वेतन के काम की उम्मीद कैसे?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुनवाई चीफ जस्टिस ने की &lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अदालत ने यह भी निर्देश दिए कि ‘किसी भी जज से वेतन के बिना काम करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है।’इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डी.वाई चंद्रचूड़, न्यायाधीश जे.बी पारदीवाला और न्यायाधीश मनोज मिश्रा की पीठ कर रही थी। इस दौरान गंभीरता से विचार करते हुए सीजेआई ने पटना हाईकोर्ट को फटकार लगाई। उन्होंने कहा, ‘जस्टिस आरपी मिश्रा का वेतन अभी तक उन्हें क्यों नहीं दिया गया? वे उन्हें वेतन देने से मना क्यों कर रहे हैं?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अन्य जजों की तरह सेवाएं प्राप्त करेंगे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि उनके जैसे लोग हाईकोर्ट में नियुक्त होने पर अन्य सभी हाईकोर्ट जजों की तरह सेवाएं प्राप्त करेंगे। सुनवाई के दौरान पीठ ने यह भी कहा, ‘अगर जस्टिस मिश्रा जिला न्यायपालिका में कार्यरत रहते हुए नई पेंशन योजना के तहत शासित थे, लेकिन हाईकोर्ट में प्रमोशन होने पर वे दूसरे हाईकोर्ट न्यायाधीशों के बराबर सेवा शर्तों के अधीन शासित होंगे। जज को सेवा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को जस्टिस मिश्रा का वेतन बकाया राशि के साथ जारी करने का निर्देश दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;7 जजों का वेतन जारी करने के निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुनवाई के दौरान न्यायालय को याद दिलाया गया कि जस्टिस रुद्र प्रकाश मिश्रा को नवंबर 2023 में उच्च न्यायिक सेवाओं से हाईकोर्ट में प्रमोशन के बाद से अभी तक जीपीएफ नहीं दिया गया। हालांकि उन्होंने सभी औपचारिकताओं को पूर्ण कर लिया है। जज को प्रमोशन के बाद से अब तक वेतन नहीं मिला है। साल 2023 के मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने इसी तरह के अंतरिम उपाय में पटना हाईकोर्ट के 7 जजों के वेतन को जारी करने का निर्देश दिया था, जो उनके जीपीएफ अकाउंट बंद करने के बाद से रोके गए थे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>High Court: पटना हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, ट्रेन से गिरकर हुई मौत पर दिया जाएगा 8 लाख का मुआवजा</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/high-court-patna-high-court-gave-a-big-decision-compensation-of-rs-8-lakh-will-be-given-in-case-of-death-due-to-falling-from-the-train/</link><pubDate>August 9, 2024, 5:44 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/qwsr-300x184.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना । राजधानी पटना हाईकोर्ट ने ट्रेन से गिरकर होने वाली मौतों के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने यह फैसला शुक्रवार को सुनाया है। उच्च न्यायलय ने रेलवे को ऐसे मामलों में 8 लाख रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए है। अदालत ने फैसला सुनाते ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना ।&lt;/strong&gt; राजधानी पटना हाईकोर्ट ने ट्रेन से गिरकर होने वाली मौतों के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने यह फैसला शुक्रवार को सुनाया है। उच्च न्यायलय ने रेलवे को ऐसे मामलों में 8 लाख रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए है। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रेन से गिरकर हुई मृतक पीड़ित के परिजन को कम से कम 8 लाख रुपये मुआवजा के तौर पर देना अनिवार्य है। न्यायाधीश सुनील दत्त मिश्रा की बेंच ने शत्रुघ्न साहू की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला लिया है। बिहार में ट्रेन से गिरकर मौत की घटनाएं आम बात है। हाईकोर्ट के इस फैसले से मृतकों के परिजनों को बड़ी राहत मिली है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुआवजा 8 लाख रुपये देने का ऐलान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए रेल मंत्रालय की तरफ से 22 दिसंबर 2016 को जारी गजट नोटिफिकेशन का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि मुआवजा को लेकर हो रही भ्रम को खत्म करने के लिए मुआवजा राशि 8 लाख रुपये कर दी गई है। कोर्ट ने रेलवे क्लेम न्यायाधिकरण के आदेश को संशोधित करते हुए कहा कि अगर ब्याज सहित मुआवजे की रकम 8 लाख रुपये से कम है तो उसे कम से कम 8 लाख रुपये का मुआवजा देना ही होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये हैं पूरा मामला?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट फाइल में बताया गया है कि आवेदक के बेटे ने 1 जून 2014 को गया रेलवे स्टेशन जाने के लिए ट्रेन नंबर 53608 का सेकेंड क्लास का टिकट खरीदा था। अनुग्रह नारायण रोड रेलवे स्टेशन से टिकट खरीदने के बाद ट्रेन में चढ़ा, जहां ट्रेन में सवार यात्रियों की धक्का-मुक्की के कारण वह चलती ट्रेन से गिर गया। ट्रेन से उतरने के बाद बिपुल साव गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल नारायण लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी जान चली गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt; पिता ने केस दायर किया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मृतक के पिता ने मुआवजा राशि के लिए पटना स्थित रेलवे क्लेम न्यायाधिकरण में मामला दर्ज कराया था। न्यायाधिकरण ने बेटे की मौत पर 12 प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज के साथ चार लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था। इस आदेश पर रेलवे ने फिर से विचार कर अर्जी दायर किया और ब्याज को चुनौती दी थी। न्यायाधिकरण ने अपने पूर्व के फैसले में संशोधन करते हुए छह प्रतिशत साधारण ब्याज देने का आदेश दिया था, जिसे हाईकोर्ट में आवेदक ने चुनौती दी थी। कोर्ट ने आवेदक और रेलवे की तरफ से पेश दलीलों की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>पकड़ौआ विवाह पर पटना हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/sc-stays-patna-high-courts-decision-on-pakdaua-marriage/</link><pubDate>January 5, 2024, 9:49 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/01/download-2024-01-05T150925.399-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में पकड़ौआ विवाह को रद्द करने वाले पटना हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। दरअसल पति की याचिका पर सुनवाई करते हुए नवंबर 2023 में पटना हाई कोर्ट ने फैसले में अग्नि के समक्ष सात फेरे पूरे नहीं होने के आधार पर शादी को...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;बिहार में पकड़ौआ विवाह को रद्द करने वाले पटना हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। दरअसल पति की याचिका पर सुनवाई करते हुए नवंबर 2023 में पटना हाई कोर्ट ने फैसले में अग्नि के समक्ष सात फेरे पूरे नहीं होने के आधार पर शादी को क़ानूनी रूप से अमान्य बताया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;SC ने जारी किया नोटिस&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शुक्रवार को दुल्हन की अपील पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की हिमा कोहली और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने पटना हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी। साथ ही इसपर नोटिस जारी किया है।दरअसल पटना हाईकोर्ट ने शादी रद्द करते हुए कहा था कि किसी महिला की मांग में जबरन सिंदूर लगाने से शादी नहीं हो जाती। हिंदू कानून के तहत शादी तब तक वैध नहीं है जब तक वह स्वैच्छिक न हो और &amp;#8216;सप्तपदी&amp;#8217; यानी सात फेरों की रस्म न हो।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;70 के दशक में बढ़ा था ट्रेंड&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि पटना हाईकोर्ट के जस्टिस पीबी बजंथ्री और जस्टिस अरुण कुमार झा ने 10 साल पहले हुए एक पकड़ौआ विवाह के मामले की सुनवाई करते हुए ये बातें कही थीं। साथ ही ऐसी शादी को अमान्य बताया था। नेशनल क्राइम ब्यूरो के मुताबिक साल 2021 में 450 लड़कों का अपहरण शादी के लिए किया गया। 1970 के दशक में बढ़ा ये ट्रेंड अब तक जारी है। पहले के समय में 90 फीसदी से ज्यादा शादी सफल हो जाती थी हालांकि अब शादी असफल होने का ग्राफ अचानक से बढ़ा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार : आज सीएम नीतीश करेंगे सर्वदलीय बैठक, डेटा में गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाएगी बीजेपी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-today-cm-nitish-will-hold-an-all-party-meeting-bjp-will-raise-questions-regarding-data-irregularities/</link><pubDate>October 3, 2023, 7:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/3-2-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। बिहार में जाति आधारित गणना को लेकर आज मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक की जाएगी। इस दौरान बीजेपी आंकड़ों को लेकर राज्य सरकार को घेर सकती है। आज होगी सर्वदलीय बैठक बिहार में जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट जारी की ज...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में जाति आधारित गणना को लेकर आज मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक की जाएगी। इस दौरान बीजेपी आंकड़ों को लेकर राज्य सरकार को घेर सकती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज होगी सर्वदलीय बैठक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार में जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट जारी की जा चुकी है। बताया जा रहा है कि आज मंगलवार (3 अक्टूबर) को जाति आधारित जनगणना में साथ रहे दलों के नेताओं की सर्वदलीय बैठक होनी है। बता दें कि यह बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में होगी। इसमें जाति जनगणना की रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सभी दलों से बातचीत करेंगे। बता दें कि जाति आधारित जनगणना में साथ रहे दलों के नेताओं को भी अगड़ी जातियों और बनिया की जनसंख्या घटने पर आश्चर्य हो रहा है। इसमें डेटा के अनुसार अगड़ी जाति और बनिया जाति के जो आंकड़े प्रकाशित किए गए हैं उन्हें लेकर आज भाजपा विरोध भी जताएगी। बता दें कि सर्वदलीय बैठक के दौरान भाजपा उन आंकड़ों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम नीतीश ने क्या कहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि मंगलवार को सर्वदलीय बैठक में जाति आधारित जनगणना की सारी बातें सबके सामने रखी जाएगी। इसके साथ ही इस बैठक में सबकी राय लेकर सरकार द्वारा सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। नीतीश कुमार ने आगे यह भी कहा कि बिहार में जो जाति आधारित गणना हुई है वो पूरे देश में भी होनी चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जाति गणना का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, जाति जनगणना की रिपोर्ट जारी होते ही मामला फिर से सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। चूंकि रिपोर्ट को प्रकाशित नहीं करने की बात की गई थी लेकिन इसके बावजूद डाटा को प्रकाशित कर दिया गया है। जाति जनगणना के आंकड़ों को जारी करने पर रोक लगाने के लिए पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बिहार सरकार के पक्ष में इसका फैसला सुनाया था और सरकार के इस कदम को कानूनी रूप से वैध बताया था। वहीं इसके बाद बिहार सरकार ने जाति गणना का कार्य शुरू कर दिया था। बताया जा रहा है कि पटना हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर और रिपोर्ट को फिलहाल जारी नहीं करने का अनुरोध किया लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। अब इसको लेकर फिर से कोर्ट में यह मामला कोर्ट में चला गया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस मामले पर 6 अक्टूबर को ही आपकी दलीलें सुनी जाएंगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>जातिगत जनगणना दोबारा शुरू होगी, पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार को दी बड़ी राहत</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/caste-census-will-start-again-patna-high-court-gives-big-relief-to-nitish-government/</link><pubDate>August 1, 2023, 8:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-22T170918.199-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। दरअसल यह महागठबंधन सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में एक है। पटना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। दरअसल यह महागठबंधन सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में एक है। पटना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने इस मामले में दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। बता दें कि बीते 7 जुलाई को ही उच्च न्यायालय ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;रोक की अर्जी खारिज&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हाई कोर्ट के फैसले के बाद जातिगत जनगणना पर फिर से काम शुरू कर दिया जाएगा। उच्च न्यायालय के फैसले से नीतीश सरकार को बड़ी राहत मिली है। बता दें कि 4 मई को बिहार सरकार को पटना हाई कोर्ट की तरफ से झटका लगा था। उच्च न्यायालय ने जातिगत जनगणना पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसके बाद बिहार सरकार की तरफ से हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका डाली गई थी फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया लेकिन कहीं राहत नहीं मिली। हालांकि अब हाईकोर्ट ने इस मामले में नीतीश सरकार को हरी झंडी दे दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;अंतिम फैसला तक सुनवाई नहीं&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पटना हाई कोर्ट ने नीतीश सरकार के जातिगत जनगणना को संविधान विरोधी कहा था। बाद में इसपर पांच दिन लगातार सुनवाई हुई। जिसके बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया था। एससी का कहना था कि पटना उच्च न्यायालय के फैसले में काफी हद तक स्पष्टता है। जब तक अंतिम फैसला नहीं आ जाता इस मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई नहीं करेगी। वहीं अब हाईकोर्ट ने सभी अर्जियों को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि जनगणना कराना केंद्र का काम है ना कि राज्य सरकार का।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार में जाति जनगणना पर रोक के बावजूद, नीतीश सरकार ने किया हाईकोर्ट का रुख, की ये मांग</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/despite-ban-on-caste-census-in-bihar-nitish-government-again-moves-high-court/</link><pubDate>May 6, 2023, 11:27 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-38-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: बिहार में हाई कोर्ट के द्वारा जातिगत जनगणना पर रोक लगाने के बाद नीतीश सरकार ने अब पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। दायर की गई याचिका में कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि सुनवाई की तारीख 3 जुलाई से पहले रखी जाए याचिका में क्या कहा गया आप...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; बिहार में हाई कोर्ट के द्वारा जातिगत जनगणना पर रोक लगाने के बाद नीतीश सरकार ने अब पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। दायर की गई याचिका में कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि सुनवाई की तारीख 3 जुलाई से पहले रखी जाए&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;याचिका में क्या कहा गया&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि याचिका में ये भी कहा गया है कि हाईकोर्ट के द्वारा दिए गए अंतरिम फैसले को देख कर लगा रहा है कि ये आदेश अंतरिम नहीं, बल्कि अंतिम आदेश लग रहा है। ऐसे में हाईकोर्ट जल्द से जल्द सुनवाई कर जो फैसला देना है दे दे। राज्य सरकार के याचिका पर अगले सप्ताह में सुनवाई की उम्मीद है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;हाईकोर्ट का फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;गौरतलब हो कि पिछले दिनों हाई कोर्ट के मुख्य नयायधीश के विनोद चंद्रन और न्यायाधीश मधुरेश प्रसाद की खंडपीठ ने जातिगत जनगणना पर गुरुवार को अंतरिम रोक लगा दी थी। जातिगत जनगणना को रोकने के लिए दायर की गई सभी याचिकों पर कोर्ट ने एक साथ सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रखा था। जिसके बाद गुरुवार को अंतरिम आदेश दिया गया कि सरकार के द्वारा कराये जा रहे जातीय सर्वे को तुरंत बंद किया जाए और जब तक इस पर अंतिम फैसला न आ जाये तब तक अभी तक एकत्रित किये गए डाटा को किसी के साथ साझा नहीं किया जाए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी नीतीश सरकार</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/nitish-government-will-go-to-supreme-court-against-high-courts-decision-prince-singh-inkhabar/</link><pubDate>May 4, 2023, 10:36 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-38-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: पटना हाईकोर्ट द्वारा बिहार में चल रही जातीय जनगणना पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद बिहार सरकार के महाधिवक्ता पीके शाही ने कहा कि हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी. बता दें कि जातीय जनग...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: पटना हाईकोर्ट द्वारा बिहार में चल रही जातीय जनगणना पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद बिहार सरकार के महाधिवक्ता पीके शाही ने कहा कि हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी. बता दें कि जातीय जनगणना पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट जनगणना पर रोक लगा दी है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जनगणना पर लगी रोक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बिहार में चल रहे जातिगत जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया है. गुरुवार को जातीय जनगणना पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि . बता दें कि सुनवाई के दौरान बिहार सरकार के महाधिवक्ता पीके शाही मामले में अपनी दलील दे रहे थे, लेकिन पटना हाईकोर्ट ने जाति जनगणना पर रोक लगा दी है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;हाईकोर्ट ने लगाई रोक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई 3 जुलाई को होनी है. इसके साथ ही तब तक कोई डेटा सामने नहीं आएगा. इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील ने जानकारी दी कि तीन जुलाई से इस मामले पर डिटेल में सुनवाई की जाएगी. इसके साथ ही कोर्ट के इस फैसले से नीतीश कुमार को बहुत बड़ा झटका लगा है. ऐसे में ये देखना होगा कि जुलाई के बाद इस मामले में क्या कुछ होता है.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>