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       <title>Today पटना उच्च न्यायालय News | Latest पटना उच्च न्यायालय News | Breaking पटना उच्च न्यायालय News in English | Latest पटना उच्च न्यायालय News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का पटना उच्च न्यायालय समाचार:Today पटना उच्च न्यायालय News ,Latest पटना उच्च न्यायालय News,Aaj Ka Samachar ,पटना उच्च न्यायालय समाचार ,Breaking पटना उच्च न्यायालय News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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            <title>Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Bihar Reservation: आरक्षण के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका पर ललन सिंह ने बीजेपी पर लगाया आरोप</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-reservation-lalan-singh-blames-bjp-on-petition-in-high-court-against-reservation/</link><pubDate>November 27, 2023, 12:42 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/12-3.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार की नई आरक्षण नीति के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। यह महागठबंधन सरकार के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है। वहीं, इसे लेकर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने सोमवार को प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बीजेपी पर हमला बोल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार की नई आरक्षण नीति के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। यह महागठबंधन सरकार के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है। वहीं, इसे लेकर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने सोमवार को प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि पटना हाई कोर्ट में बीजेपी ने याचिका दाखिल कराई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी आरक्षण विरोधी है। बीजेपी नहीं चाहती थी कि आरक्षण का दायरा बढ़ाया जाए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ललन सिंह ने बीजेपी पर निशाना साधा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि आंकड़ा हम लोगों के पास है। वह न्यायालय में पेश किया जाएगा। हमारे पास सभी तथ्य हैं। बीजेपी हर बात पर न्यायालय में जाती है। इससे पहले नगर निकाय का चुनाव रुकवाने के लिए भी बीजेपी कोर्ट में गई थी, लेकिन नगर निकाय का चुनाव हुआ। ललन सिंह ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था के साथ यही हुआ। बिहार सरकार जाति आधारित जनगणना करा रही थी तो उसको भी रुकवाने के लिए बीजेपी, पटना हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आरक्षण का दायरा बढ़ाने पर याचिका दायर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बिहार सरकार द्वारा आरक्षण का दायरा बढ़ाने के फैसले पर पटना हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस दौरान पटना सिविल सोसाइटी की ओर से कोर्ट में याचिका दायर की गई। जिसकी एक कॉपी बिहार के महाधिवक्ता पीके शाही के ऑफिस को भेजी गई है। याचिकाकर्ता ने यह दलील देते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है कि ये मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Reservation: महागठबंधन की आरक्षण मुहिम को बड़ा झटका, पटना हाईकोर्ट में दायर याचिका</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-reservation-big-blow-to-grand-alliances-reservation-campaign-petition-filed-in-patna-high-court/</link><pubDate>November 27, 2023, 11:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/9-5-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। महागठबंधन के द्वारा क्षेणी गई आरक्षण की मुहिम को बड़ा झटका लगा है। बताया जा रहा है कि इसे लेकर पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका की कॉपी को एडवोकेट जनरल के पास भेजी गई है। दरअसल, बिहार में 65% आरक्षण को पटना हाईकोर्ट में च...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; महागठबंधन के द्वारा क्षेणी गई आरक्षण की मुहिम को बड़ा झटका लगा है। बताया जा रहा है कि इसे लेकर पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका की कॉपी को एडवोकेट जनरल के पास भेजी गई है। दरअसल, बिहार में 65% आरक्षण को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस दौरान याचिकाकर्ता ने दलीलें दी हैं कि ये मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। बता दें कि जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट आने के बाद बिहार सरकार ने आरक्षण का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया। जिसके बाद इसे लेकर विधेयक सर्वसम्मति से विधानसभा में पास करा लिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;याचिकाकर्ताओं की दलील&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं जानकारी के अनुसार ये जनहित याचिका गौरव कुमार व नमन श्रेष्ठ द्वारा दायर की गई है। इस याचिका की एक कॉपी बिहार के महाधिवक्ता पीके शाही के ऑफिस में भी भेजी गई। जिसके अंतर्गत याचिकाकर्ता ने इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इस बीच याचिकाकर्ता ने दलीलें पेश करते हुए कहा कि ये मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई थी न कि जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने का प्रावधान किया गया था। इन दलीलों के अनुसार 2023 का जो संशोधित अधिनियम बिहार सरकार ने पारित किया है, वह भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शीतकालीन सत्र में पारित हुआ बिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, बिहार सरकार ने सरकारी नौकरी और स्कूल संस्थानों में पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित और महादलित को मिलने वाले आरक्षण को 50 फीसदी से बढ़ाकर 65 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा बिहार में कुल आरक्षण का दायरा 75 फीसदी पहुंच चुका है। इसमें अगड़ी जातियों में से आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने की सीमा है। जबकि बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में विधानसभा और विधानपरिषद से सर्वसम्मति से आरक्षण संसोधन बिल 2023 पारित हुआ। इस बिल को राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था। जहां राज्यपाल ने इसको मंजूरी दे दी है और यह लागू हो गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम नीतीश ने किया था ऐलान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गौरतलब है कि बिहार सरकार ने खुद से राज्य में जाति आधारित जनगणना करवाई थी। इसके साथ ही सरकार ने आर्थिक सर्वे भी कराया। बिहार सरकार ने इसकी रिपोर्ट को विधानसभा में पेश किया। जहां चर्चा के दौरान सीएम नीतीश ने आरक्षण के मौजूदा दायरा को बढ़ाने का ऐलान किया था। जिसके लिए सीएम नीतीश ने आरक्षित वर्ग की जनसंख्या और उसकी आर्थिक स्थिति को आधार बनाया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>आज होगी जातीय आधारित गणना से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, पटना हाई कोर्ट के फैसले को दी गई है चुनौती</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/hearing-will-be-held-in-the-supreme-court-today-on-the-petitions-related-to-caste-based-census-the-decision-of-patna-high-court-has-been-challenged/</link><pubDate>September 6, 2023, 10:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। सुप्रीम कोर्ट आज पटना उच्च न्यायालय के बिहार में जाति आधारित सर्वेक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करने के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगा। केंद्र सरकार ने हलफनामा वापस ले लिया था शीर्ष अदालत की वेबसा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट आज पटना उच्च न्यायालय के बिहार में जाति आधारित सर्वेक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करने के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केंद्र सरकार ने हलफनामा वापस ले लिया था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शीर्ष अदालत की वेबसाइट अनुसार न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और एसवीएन भट्टी की पीठ मामले की सुनवाई जारी रखेगी। पिछले हफ्ते केंद्र सरकार ने अपना हलफनामा वापस ले लिया था, जिसमें कहा गया कि उसके अलावा जनगणना जैसी प्रक्रिया करने का हकदार कोई और नहीं है। केंद्रीय गृह मंत्रालय में रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय द्वारा दायर नए हलफनामे में यह कहते हुए पैराग्राफ को वापस ले लिया गया कि संविधान के तहत या अन्यथा कोई अन्य निकाय जनगणना या जनगणना के समान कोई और कार्रवाई करने का हकदार नहीं है। पिछली सुनवाई में जब केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि वह संवैधानिक और कानूनी स्थिति को रिकॉर्ड पर रखना चाहते हैं। तब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह की अनुमति दी थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शीर्ष अदालत में याचिकाकर्ताओं की दलीलें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शीर्ष अदालत के सामने याचिकाकर्ताओं ने यह दलीलें दी थी कि सर्वेक्षण प्रक्रिया गोपनीयता के कानून का उल्लंघन करती है और केवल केंद्र सरकार के पास ही भारत में जनगणना करने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार के पास जाति आधारित जनगणना के संचालन पर निर्णय लेने और उसे अधिसूचित करने का कोई अधिकार नहीं है। शीर्ष अदालत ने सर्वेक्षण प्रक्रिया या सर्वेक्षण के परिणामों के प्रकाशन पर रोक लगाने के लिए कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया था, हालांकि यह तर्क दिया गया था कि डेटा के प्रकाशन के बाद मामला व्यर्थ ही हो जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ट्रांसजेंडर समुदाय &amp;#8216;लिंग&amp;#8217; की बजाय &amp;#8216;जाति&amp;#8217;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नीतीश कुमार की राज्य सरकार ने कहा है कि बिहार में जाति आधारित सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और जल्दी ही परिणाम सार्वजनिक हो जाऐंग। राज्य की जाति सर्वेक्षण प्रक्रिया में ट्रांसजेंडर समुदाय को &amp;#8216;लिंग&amp;#8217; की श्रेणी के बजाय &amp;#8216;जाति&amp;#8217; के रूप में वर्गीकृत करने के बिहार सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत के सामने एक और याचिका दायर की गई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>जातीय गणना: हाईकोर्ट के फैसले पर बोले लालू यादव, सीएम और तेजस्वी की कड़ी मेहनत का नतीजा</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/caste-enumeration-lalu-yadav-said-on-the-decision-of-the-high-court-the-result-of-hard-work-of-cm-and-tejashwi/</link><pubDate>August 1, 2023, 11:49 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-2023-08-01T171852.279-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। पटना उच्च न्यायलय के फैसले से जदयू और राजद खेमे में ख़ुशी है। सत्तारूढ़ दल बीजेपी पर इसे लेकर हमलावर हो गये हैं।...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। पटना उच्च न्यायलय के फैसले से जदयू और राजद खेमे में ख़ुशी है। सत्तारूढ़ दल बीजेपी पर इसे लेकर हमलावर हो गये हैं। इसी बीच बिहार के पूर्व सीएम एवं राजद प्रमुख लालू यादव का बयान भी सामने आया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;सीएम और तेजस्वी की कड़ी मेहनत&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मीडिया से बात करते हुए राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा कि हम हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। यह सिर्फ एक फैसला नहीं है बल्कि गरीबों के लिए फैसला है। इससे उनके लिए दरवाजे खुलेंगे। उनके सर्वेक्षण के बाद, उनकी आर्थिक स्थिति का पता चलेगा और उस आधार पर सरकार उनके लिए योजनाओं का मसौदा तैयार करेगी और इससे विकास के द्वार खुलेंगे। मैं CM और तेजस्वी यादव को धन्यवाद देता हूं, उन्होंने कड़ी मेहनत की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;जानिए अब तक क्या-क्या हुआ&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बिहार में 7 जनवरी से जातिगत जनगणना की शुरुआत हुई थी। 15 अप्रैल से दूसरे चरण की शुरुआत हुई थी। 21 अप्रैल को मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा जहां एससी ने हाईकोर्ट जाने को कहा। 2 और 3 मई को सुनवाई के बाद इस मामले में पटना उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने 4 मई को गणना पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने 3 जुलाई को सुनवाई की अगली तारीख रखी। जिसमें बिहार सरकार की तरफ से जल्द सुनवाई की अपील की गयी। हाई कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इंकार कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;पहले भी हुई थी जातिगत गणना&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;11 मई को बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया। 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को हाईकोर्ट जाने को कहा। 3 और 4 जुलाई को हाई कोर्ट में बहस हुई, जिसमें फैसला सुरक्षित रख लिया गया और आज सारी याचिकाएं खारिज करते हुए जनगणना कराने की मंजूरी दे दी गयी है। बता दें कि देश में सबसे पहले जातिगत जनगणना 1931 में हुई थी। 1941 में इसका डेटा एकत्रित कर लिया गया था लेकिन इसे सार्वजानिक नहीं किया गया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>जातीय गणना: हाईकोर्ट के फैसले पर बोले मंत्री विजय चौधरी, &amp;#8216;बीजेपी एक्सपोज हो गई&amp;#8217;</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/caste-enumeration-minister-vijay-chowdhary-said-on-the-decision-of-the-high-court-bjp-has-been-exposed/</link><pubDate>August 1, 2023, 11:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-2023-08-01T170337.983-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। पटना उच्च न्यायलय के फैसले से जदयू और राजद खेमे में ख़ुशी है। सत्तारूढ़ दल बीजेपी पर इसे लेकर हमलावर हो गये हैं।...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। पटना उच्च न्यायलय के फैसले से जदयू और राजद खेमे में ख़ुशी है। सत्तारूढ़ दल बीजेपी पर इसे लेकर हमलावर हो गये हैं। मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि भाजपा एक्सपोज हो गई है जबकि बिहार सरकार की नीति और नीयत की जीत हुई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;बीजेपी ने डाला बाधा&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मंत्री विजय चौधरी ने हाईकोर्ट के फैसले को स्वागत योग्य बताते हुए समाज के लिए प्रगतिशील बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से पता चलेगा कि समाज में कमजोर वर्ग की कितनी संख्या है। इससे सरकार को उनके लिए विकास की योजना बनाने में मदद मिलेगी। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने जातिगत जनगणना में बाधा डालने का काम किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;जानिए अब तक क्या-क्या हुआ&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बिहार में 7 जनवरी से जातिगत जनगणना की शुरुआत हुई थी। 15 अप्रैल से दूसरे चरण की शुरुआत हुई थी। 21 अप्रैल को मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा जहां एससी ने हाईकोर्ट जाने को कहा। 2 और 3 मई को सुनवाई के बाद इस मामले में पटना उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने 4 मई को गणना पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने 3 जुलाई को सुनवाई की अगली तारीख रखी। जिसमें बिहार सरकार की तरफ से जल्द सुनवाई की अपील की गयी। हाई कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इंकार कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;पहले भी हुई थी जातिगत गणना&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;11 मई को बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया। 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को हाईकोर्ट जाने को कहा। 3 और 4 जुलाई को हाई कोर्ट में बहस हुई, जिसमें फैसला सुरक्षित रख लिया गया और आज सारी याचिकाएं खारिज करते हुए जनगणना कराने की मंजूरी दे दी गयी है। बता दें कि देश में सबसे पहले जातिगत जनगणना 1931 में हुई थी। 1941 में इसका डेटा एकत्रित कर लिया गया था लेकिन इसे सार्वजानिक नहीं किया गया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>जातीय गणना: पटना HC के फैसले पर खुश हुए तेजस्वी यादव, बीजेपी ने भी किया स्वागत</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/caste-census-tejashwi-yadav-happy-with-patna-hcs-decision-bjp-also-welcomed/</link><pubDate>August 1, 2023, 11:23 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-2023-08-01T165152.265-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। दरअसल यह महागठबंधन सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में एक है। पटना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;पटना। बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। दरअसल यह महागठबंधन सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में एक है। पटना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने इस मामले में दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। उच्च न्यायलय के फैसले पर बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने ख़ुशी जताई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;खुश हुए तेजस्वी&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;फैसले के बाद उपमुख़्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि जातीय गणना आर्थिक न्याय की दिशा में क्रांतिकारी कदम साबित होगा। हमारी मांग है कि केंद्र जातीय गणना करवाए। वहीं बीजेपी ने भी हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। विजय सिन्हा ने कहा कि बीजेपी जातिगत जनगणना का समर्थक रही हैं। लेकिन बिहार सरकार के नियत में खोट है वो गणना के उद्देश्य को बताने में असफल रही।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;जानिए अब तक क्या-क्या हुआ&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बिहार में 7 जनवरी से जातिगत जनगणना की शुरुआत हुई थी। 15 अप्रैल से दूसरे चरण की शुरुआत हुई थी। 21 अप्रैल को मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा जहां एससी ने हाईकोर्ट जाने को कहा। 2 और 3 मई को सुनवाई के बाद इस मामले में पटना उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने 4 मई को गणना पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने 3 जुलाई को सुनवाई की अगली तारीख रखी। जिसमें बिहार सरकार की तरफ से जल्द सुनवाई की अपील की गयी। हाई कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इंकार कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;पहले भी हुई थी जातिगत गणना&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;11 मई को बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया। 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को हाईकोर्ट जाने को कहा। 3 और 4 जुलाई को हाई कोर्ट में बहस हुई, जिसमें फैसला सुरक्षित रख लिया गया और आज सारी याचिकाएं खारिज करते हुए जनगणना कराने की मंजूरी दे दी गयी है। बता दें कि देश में सबसे पहले जातिगत जनगणना 1931 में हुई थी। 1941 में इसका डेटा एकत्रित कर लिया गया था लेकिन इसे सार्वजानिक नहीं किया गया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गोवा के सीएम को दी नसीहत, बोले ऐसे बयान से…</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/chief-minister-nitish-kumar-gave-advice-to-the-cm-of-goa-said-from-such-a-statement/</link><pubDate>May 4, 2023, 10:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-35-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना: हाल ही में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत द्वारा बिहारियों को लेकर की गई अपमानजनक टिप्पणी पर आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गोवा के सीएम को नसीहत दी है और उनके बयान की निंदा भी की है नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के लोगों के बारे ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; हाल ही में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत द्वारा बिहारियों को लेकर की गई अपमानजनक टिप्पणी पर आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गोवा के सीएम को नसीहत दी है और उनके बयान की निंदा भी की है नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के लोगों के बारे में ऐसा बयान कभी नहीं देना चाहिए. लोगों को ऐसे बयानों से बचना चाहिए। आपको बता दें कि गोवा के मुख्यमंत्री के द्वारा बिहारियों के बारे में किए गए टिप्पणी पर उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ-साथ कई लोगों ने आलोचना की है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;गोवा के सीएम ने किया खेद व्यक्त&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वहीँ बढ़ते विवाद को देखते हुए गोवा के मुक्यमंत्री ने अब सफाई दी है. प्रमोद सावंत ने कहा कि हमारे बयान को तोड़-मड़ोकर पेश किया गया. हमारा भाषण कोंकणी भाषा में था और कुछ नेताओं ने मेरे भाषण को ट्विस्ट कर दिया, अगर वहां वहां मजदूर को दुख पहुंचा हो तो मैं इसके लिए खेद व्यक्त करता हूं.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;गोवा के सीएम ने की थी टिप्पणी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि 1 मई (मजदुर दिवस) के दिन गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पणजी में एक कार्यक्रम के दौरान दावा किया था कि तटीय राज्य में करीब 90 परसेंट अपराध बिहार, यूपी तथा बाकि इलाक़ों के प्रवासी मजदूरों के द्वारा अंजाम दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद से ही उनकी काफी आलोचना होनी शुरू हो गई।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: जस्टिस विनोद चंद्रन की बेंच ने दिया आदेश, जातिगत जनगणना पर लगी रोक</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/justice-vinod-chandrans-bench-ordered-ban-on-caste-census-prince-singh-inkhabar-bihar/</link><pubDate>May 4, 2023, 9:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-69-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: बिहार में चल रहे जातिगत जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया है. गुरुवार को जातीय जनगणना पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि . बता दें कि सुनवाई के दौरान बिहार सरकार के महाधिवक्ता पीके शाही मामल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;पटना: बिहार में चल रहे जातिगत जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया है. गुरुवार को जातीय जनगणना पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि . बता दें कि सुनवाई के दौरान बिहार सरकार के महाधिवक्ता पीके शाही मामले में अपनी दलील दे रहे थे, लेकिन पटना हाईकोर्ट ने जाति जनगणना पर रोक लगा दी है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;हाईकोर्ट ने लगाई रोक&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई 3 जुलाई को होनी है. इसके साथ ही तब तक कोई डेटा सामने नहीं आएगा. इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील ने जानकारी दी कि तीन जुलाई से इस मामले पर डिटेल में सुनवाई की जाएगी. इसके साथ ही कोर्ट के इस फैसले से नीतीश कुमार को बहुत बड़ा झटका लगा है. ऐसे में ये देखना होगा कि जुलाई के बाद इस मामले में क्या कुछ होता है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;गुरुवार को कोर्ट ने लगाई रोक&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आज पटना हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने राज्य में जातिगत जनगणना पर रोक लगा दी है। बता दें कि पटना उच्च न्यायलय ने जनगणना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>पटना हाईकोर्ट ने जातीय गणना पर नीतीश सरकार से पूछे कई सवाल, फैसले की तारीख हुई तय</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/patna-high-court-asked-many-questions-to-nitish-government-on-caste-enumeration-date-of-decision-fixed/</link><pubDate>May 3, 2023, 2:52 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-38-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: बिहार में एक तरफ जहाँ इस वक़्त जातीय गणना का काम जोर-शोर से चल रहा है। तो दूसरी तरफ इसे रोकने के लिए पटना हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। जिसे लेकर बुधवार को कोर्ट में सुनवाई भी पूरी हुई। पिछले दो दिनों से दोनों पक्ष के वकील दलील पेश कर रहे थ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; बिहार में एक तरफ जहाँ इस वक़्त जातीय गणना का काम जोर-शोर से चल रहा है। तो दूसरी तरफ इसे रोकने के लिए पटना हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। जिसे लेकर बुधवार को कोर्ट में सुनवाई भी पूरी हुई। पिछले दो दिनों से दोनों पक्ष के वकील दलील पेश कर रहे थे। दोनों तरफ की दलील सुनने के बाद पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाने की तारीख तय की है। वहीँ कोर्ट ने सुनवाई के दौरान नीतीश सरकार से कई सवाल किए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट ने सरकार से पूछा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;ul class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;क्या आर्थिक सर्वेक्षण कराना क़ानूनी बाध्यता है ?&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;जातीय गणना कराना सरकार के अधिकार क्षेत्र में है या नहीं ?&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;जातीय गणना कराने का उद्देश्य क्या है ?&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;क्या जातीय गणना को लेकर कोई कानून भी बनाया गया है ?&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट में सरकार की दलील&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;सरकार की तरफ से कोर्ट में दलील देते हुए महाधिवक्ता पीके शाही ने कहा कि जन कल्याण की योजनाओं के लिए ये गणना कराया जा रहा है। और जातीय गणना का फैसला बिहार के दोनों सदन बिहार विधानसभा और विधानपरिषद से प्रस्ताव पारित होने के बाद लिया गया है। ये राज्य सरकार का नीतिगत फैसला है। और इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। वहीँ इस गणना से सरकार को गरीबों के लिए योजना बनाने में आसानी होगी।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दाखिल की गई थी याचिका&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि जातीय गणना कराने को लेकर सरकार के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट में याचिका दाखिल कर इस पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार के पास जातियों की गिनती करने का अधिकार नहीं है। सरकार का यह फैसला संविधान का उल्लंघन कर रही है। याचिका में ये भी कहा गया है कि सरकार जातिगत गणना में लोगों की जाति के साथ-साथ उनके कामकाज और योग्यता की भी जानकारी मांग रही है। जो उनके गोपनीयता के अधिकार का हनन है।&lt;/p&gt;
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