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       <title>Today डूबते सूर्य को अर्घ्य News | Latest डूबते सूर्य को अर्घ्य News | Breaking डूबते सूर्य को अर्घ्य News in English | Latest डूबते सूर्य को अर्घ्य News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का डूबते सूर्य को अर्घ्य समाचार:Today डूबते सूर्य को अर्घ्य News ,Latest डूबते सूर्य को अर्घ्य News,Aaj Ka Samachar ,डूबते सूर्य को अर्घ्य समाचार ,Breaking डूबते सूर्य को अर्घ्य News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Chhath puja: आज है छठ का तीसरा दिन, डूबते सूर्य को देंगे अर्घ्य</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/chhath-puja-today-is-evening-prayer-we-will-offer-prayer-to-the-setting-sun/</link><pubDate>November 7, 2024, 7:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/546.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। लोक आस्था का महान पर्व छठ धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर सूर्य देव और छठी मैया की विधि-विधान से पूजा की जाती है। यह व्रत संतान की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र के लिए किया जाता है। व्रती महिलाएं 36 घंटे तक निर्जला उपवास रख...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; लोक आस्था का महान पर्व छठ धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर सूर्य देव और छठी मैया की विधि-विधान से पूजा की जाती है। यह व्रत संतान की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र के लिए किया जाता है। व्रती महिलाएं 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखते हैं। शाम होते ही घाट पर जाती है और डूबते व उगते सूर्य को अर्घ्य देती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;छठ महापर्व के तीसरे दिन 07 नवंबर को, डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। 08 नवंबर को छठ के चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। छठ पूजा के तीसरे दिन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि होती है। इस दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। इस दिन यानी संध्य अर्घ्य को भक्तगण शाम के समय किसी घाट के किनारे खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सभी ग्रहों का राजा सूर्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इसके पीछे की मान्यता यह है कि सूर्य देव अपनी दूसरी पत्नी प्रत्यूषा के साथ होते हैं, और इस समय अर्घ्य अर्पित करने से जीवन की सभी परेशानी दूर हो जाती हैं। वहीं व्रती महिलाओं की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। ऐसा करने से जीवन में सुख और समृद्धि का आगमन होता है। भगवान सूर्य को देवताओं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। ज्योतिष शास्त्र में भी सूर्य को सभी ग्रहों का राजा माना जाता है। सूर्य की पूजा करने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है और उसे विभिन्न रोगों से बचाव मिलता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नेत्र रोगों से राहत मिलती है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सूर्य देव के आशीर्वाद से व्यक्ति के घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य भरा रहता है। इसके साथ ही, जीवन की सभी कठिनाइयां भी दूर होती है। सूर्य की उपासना और अर्घ्य अर्पित करने से इच्छाएं पूर्ण होती हैं और नेत्र रोगों से भी राहत मिलती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath Puja: उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देकर संपन्न हुआ महापर्व छठ, 36 घंटे के निर्जला व्रत का पारण</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/chhath-puja-the-great-festival-chhath-concluded-by-offering-arghya-to-the-rising-sun-ending-the-36-hour-waterless-fast/</link><pubDate>November 20, 2023, 10:24 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/8-4-300x135.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। पूरे देश में इस समय लोकआस्था का महापर्व छठ धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत 17 नवंबर से नहाय खाय के साथ हुई थी। छठ पर्व आज (20 नवंबर) को सुबह उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ संपन्न हुआ।इस दौरान देश के अलग-अलग राज्यों में छठ पूज...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;। पूरे देश में इस समय लोकआस्था का महापर्व छठ धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत 17 नवंबर से नहाय खाय के साथ हुई थी। छठ पर्व आज (20 नवंबर) को सुबह उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ संपन्न हुआ।इस दौरान देश के अलग-अलग राज्यों में छठ पूजा के लिए नदियों और तालाबों के किनारे बनाए गए घाटो पर व्रती महिलाओं और उनके परिवार के सदस्यों ने उदयगामी सूर्य की पूजा करके चार दिन तक चले इस महापर्व का पारण किया। छठ व्रती सुबह से ही घाटों पर भगवान भास्कर के दर्शन देने का इंतजार कर रहे थे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें क्या हैं मान्यताएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस दौरान सूर्य उदय के साथ ही व्रतियों ने घुटने भर पानी में उतरकर उन्हें अर्घ्य समर्पित किया और 36 घंटे के निर्जला व्रत का समापन किया। यही नहीं इस दौरान व्रतियों ने नाक से लेकर माथे तक सिंदूर लगाया और भगवान भास्कर से अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना की। बता दें कि छठ को लेकर यह मान्यता है कि छठी मइया की पूजा करने से नि:संतान महिलाओं को संतान सुख की प्राप्ति होती है और जीवन भी सुखमय होता है। इस बार छठ में देश के कई बड़े राजनेताओं ने भी छठ घाटों पर पूजा-अर्चना किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कैदियों ने भी मनाया छठ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इसके साथ ही बताया जा रहा है कि बेउर की जेल में भी छठ का पर्व काफी धूम-धाम से मनाया गया। यहां कैदियों ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हुए छठ के महापर्व का समापन किया। पुलिसकर्मियों ने कैदी व्रतियों के पांव भी छुए। छठ को लेकर बेऊर जेल प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी करते हुए चार दिवसीय छठ पूजा को संपन्न कराया। बता दें कि छठ का व्रत महिलाएं और पुरुष व्रती अपने परिवार के कल्याण हेतु रखते हैं और उनके लिए छठी मइया से पार्थना भी करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें छठ के मायनें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि छठ का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मनाया जाता है। यह महापर्व चार दिन तक चलता है। हमेशा कि तरह इस बार भी छठ की शुरुआत नहाय खाय के साथ हुई थी। इसके दूसरे दिन खरना होता है, जिसमें पूजा के लिए प्रसाद तैयार करते हैं। वहीं तीसरे दिन ढलते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता देकर, चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद ये व्रत संपन्न हो जाता है। इसके साथ ही यह माना जाता है कि छठ पूजा में भगवान सूर्य की अराधना की जाती है। मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से संतान से संबंधित सारी परेशानियां समाप्त होती हैं।&lt;/p&gt;
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