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       <title>Today केके पाठक News | Latest केके पाठक News | Breaking केके पाठक News in English | Latest केके पाठक News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का केके पाठक समाचार:Today केके पाठक News ,Latest केके पाठक News,Aaj Ka Samachar ,केके पाठक समाचार ,Breaking केके पाठक News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a4%95</link>
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            <title>Inkhabar</title>
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            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Bihar News: केके पाठक की छुट्टियां समाप्त, पदभार न संभालने पर किया तबादला</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/kk-pathaks-leave-ended-transferred-for-not-taking-charge/</link><pubDate>July 2, 2024, 6:14 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/kk-pathak.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार के चर्चित आईएएस अधिकारी केके पाठक की लंबी छुट्टी 30 जून को खत्म हो गई है। छुट्टी के बाद उन्हें शिक्षा विभाग से हटाकर नया पद दिया गया हैं। केके पाठक को राजस्व और भूमि सुधार विभाग में बतौर अपर मुख्य सचिव तैनात किया गया है। ऐसे में केक...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के चर्चित आईएएस अधिकारी केके पाठक की लंबी छुट्टी 30 जून को खत्म हो गई है। छुट्टी के बाद उन्हें शिक्षा विभाग से हटाकर नया पद दिया गया हैं। केके पाठक को राजस्व और भूमि सुधार विभाग में बतौर अपर मुख्य सचिव तैनात किया गया है। ऐसे में केके पाठ चर्चा में बने हुए हैं। सोमवार को उन्हें इस पद पर कार्यरत होना था ,लेकिन वह सोमवार को विभाग पहुंचे ही नहीं । बताया जा रहा है कि पिछले महीने में नीतीश कुमार ने उन्हें शिक्षा विभाग से उनका ट्रांसफर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में कर दिया गया। उनकी जगह एस सिद्धार्थ को शिक्षा विभाग का एसीएस बनाया गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पद संभालने नहीं पहुंचे केके पाठक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सूत्रों के मुताबिक फिलहाल इस पद को दीपक कुमार सिंह संभाल रहे हैं। सोमवार को इस विभाग के पद को केके पाठक को संभालना था, लेकिन यह केवल एक कल्पना बनकर रह गई। विभाग के पदाधिकारी केके पाठक का इंतजार करते रहे लेकिन वह राजस्व एवं भूमि सुधार का पद संभालने नहीं आए। वहीं संभावना जताई जा रही है कि केके पाठक अपनी छुट्टियों की अवधि को बढ़ा सकते हैं। इससे पहले 13 जून को बिहार सरकार ने केके पाठक का शिक्षा विभाग से तबादला कर दिया था। वे लगभग एक साल तक शिक्षा विभाग के एसीएस रहें। इस दौरान उन्होंने शिक्षा विभाग में कई तरह के बदलाव किए। उनके फैसलों पर कई बार विवाद भी उठें। साथ ही शिक्षा विभाग के विभिन्न मुद्दों को लेकर राजभवन और विश्वविद्यालयों में टकराव भी देखा गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विभाग से नेम प्लेट हटवा ली&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लोकसभा चुनाव के खत्म होने के बाद नीतीश कुमार ने केके पाठक को शिक्षा विभागक से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में ट्रांसफर दिया। संभावना है कि अवकाश पर रहने के कारण अब तक उन्होंने अपना पद नहीं संभाला हैं। सूत्रों से खबर मिली है कि केके पाठक ने खुद फोन कर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से अपनी नेम प्लेट हटवा ली। इसके बाद चर्चा होने लगी कि क्या केके पाठक नीतीश सरकार के इस फैसले से नाराज है?&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Teacher: केके पाठक के बाद अब एस सिद्धार्थ से भी नाराज दिखे शिक्षक</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/bihar-teacher-after-kk-pathak-now-the-teacher-is-seen-angry-with-s-siddharth-too/</link><pubDate>June 26, 2024, 8:53 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/सिद्धार्थ-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार में स्कूल शिक्षकों की नाराजगी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। केके पाठक के बाद अब नए मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ से भी शिक्षक नाराज नजर आ रहे है। इस बार शिक्षकों की नाराजगी ऑनलाइन अंटेंडेंस बनाने का निर्देश दिया गया था। पार्सवर्ड इनवै...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में स्कूल शिक्षकों की नाराजगी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। केके पाठक के बाद अब नए मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ से भी शिक्षक नाराज नजर आ रहे है। इस बार शिक्षकों की नाराजगी ऑनलाइन अंटेंडेंस बनाने का निर्देश दिया गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पार्सवर्ड इनवैलिड से नहीं बन पा रही ऑनलाइन अटेंडेंस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार शिक्षा विभाग की तरफ से सभी टीचरों को 25 जून से ऑनलाइन अटेंडेंस बनाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन इस ऑनलाइन अटेंडेंस में भी शिक्षकों को कई तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा हैं। सुबह जब शिक्षकों ने ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए पोर्टल को खोला तो किसी का आईडी पार्सवर्ड इनवैलिड बता रहा था तो कहीं किसी के मोबाइल में पोर्टल ही नहीं खुल रहा था। सर्वर स्लो होने की वजह से बड़ी मात्रा में शिक्षक ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं बना पा रहे थे। शिक्षकों का कहना है कि अभी इस पोर्टल में कुछ तकनीकी कमियां है। इस पोर्टल को अनिवार्य करने से पहले कुछ दिनों तक ट्रायल मोड पर रखा जाए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गलत लोकेशन के कारण ऑनलाइन अटेंडेंस में आई परेशानी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शिक्षकों का कहना है कि मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि ई-शिक्षा कोष एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करें। विभाग द्वारा शिक्षकों को यूजर आईडी और पासवर्ड दिया गया था। ई-शिक्षा कोष एप में लॉगिन करने के लिए। यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करने के बाद मार्क अटेंडेंस का ऑप्शन आता है। जिसे क्लिक करने पर लोकेशन का ऑप्शन दिखाई दे रहा है और इस लोकेशन पर अपने स्कूल के नाम व पता के साथ स्कूल की फोटों पर क्लिक करना होता है। इसके बाद जब पोर्टल खोला तो उनके विद्यालय का लोकेशन गलत बता रहा था। जिससे ऑनलाइन अटेंडेंस बनाने में परेशानी हो रही है। जिस कारण ज्यादा संख्या में शिक्षक ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं बना पा रहे हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>केके पाठक ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पद से दिया इस्तीफा</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/kk-pathak-resigns-from-the-post-of-additional-chief-secretary-of-education-department/</link><pubDate>January 11, 2024, 9:21 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/01/download-2024-01-11T145953.851-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार के कड़क आईएएस अफसर और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि इस्तीफा देने से पहले केके पाठक 16 जनवरी तक के लिए छुट्टी पर चले गए थे। जिसके बाद से उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई थी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के कड़क आईएएस अफसर और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि इस्तीफा देने से पहले केके पाठक 16 जनवरी तक के लिए छुट्टी पर चले गए थे। जिसके बाद से उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई थी। अब उन्होंने अपने पद को छोड़ दिया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>KK Pathak: सुपौल के इन 9 विद्यालयों के हेडमास्टर की नौकरी पर गिर सकती है गाज</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/headmaster-of-these-9-schools-of-supaul-may-lose-his-job/</link><pubDate>December 25, 2023, 6:49 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/2-10-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में शिक्षा विभाग की तरफ से व्यवस्था में सुधार लाने के लिए लगातार कुछ न कुछ निर्देश जारी होते रहते हैं। यही नहीं खुद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक इसके लिए अलर्ट कर रहे हैं। वो आए दिन निरीक्षण कार्य भी करते रहते हैं। वहीं ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में शिक्षा विभाग की तरफ से व्यवस्था में सुधार लाने के लिए लगातार कुछ न कुछ निर्देश जारी होते रहते हैं। यही नहीं खुद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक इसके लिए अलर्ट कर रहे हैं। वो आए दिन निरीक्षण कार्य भी करते रहते हैं। वहीं इतनी सख्ती के बाद भी व्यवस्था में कमियां दिखने को मिल रही हैं। इस बार जो मामला सामने आया है वो सुपौल जिले का बताया जा रहा है जहां एक गलती पर 9 हेडमास्टरों की नौकरी पर गाज गिर सकती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में जारी हुआ पत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, इस संबंध में सुपौल जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में 21 दिसंबर को एक पत्र जारी हुआ था। जो कि अब सामने आया है। इस पत्र के जरिए प्राथमिक शिक्षा एवं शिक्षा अभियान के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने डीपीओ स्थापना राहुल चंद्र चौधरी को कहा है कि हर स्कूल में कम से कम दो शौचालय का निर्माण किया जाए लेकिन जिले के 9 स्कूलों में इसकी कोई व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में उन्होंने कार्रवाई की अनुसंशा की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये 9 विद्यालय लिस्ट में शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;ul class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;मध्य विद्यालय कहरवाना&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;प्रावि कनचीरा छातापुर&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;यूएमएस मोतीपुर कन्या राघोपुर&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;प्रावि लक्ष्मीनिया सुपौल&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;प्रावि घोरे राघोपुर&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;प्रावि अमहा चौघरा&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;कन्या प्रावि ब्रह्मपुर&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;यूएमएस सिमराहा मरौना&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;उर्दू मध्य विद्यालय बौराहा राघोपुर&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विद्यालय प्रधान के विरुद्ध पत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं इस मामले के संबंध में डीपीओ एसएसए प्रवीण कुमार बताया कि शिक्षा विभाग के निर्देश पर जिले के 9 स्कूलों में शौचालय के निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई। इसीलिए डीपीओ स्थापना को पत्र जारी किया गया। बता दें कि विद्यालय प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है। वहीं डीपीओ स्थापना राहुल चंद्र चौधरी ने पूछने पर बताया कि उन्हें अभी कोई पत्र नहीं मिला है। यदि कोई पत्र प्राप्त होगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>K.K. Pathak: केके पाठक के नए फरमान से बढ़ सकती है शिक्षकों की टेंशन, जानें क्या है नया आदेश</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/teachers-tension-may-increase-due-to-kk-pathaks-new-order-know-what-is-the-new-order/</link><pubDate>December 16, 2023, 11:12 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/10-4-300x165.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने एक नए फरमान से सरकारी स्कूलों के टीचरों में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि केके पाठक एक सरकारी स्कूल की शिक्षिक से कह रहे थे कि अगर बच्चे शाम 5 बजे तक भी पढ़ना चाहते हैं तो आप उ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने एक नए फरमान से सरकारी स्कूलों के टीचरों में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि केके पाठक एक सरकारी स्कूल की शिक्षिक से कह रहे थे कि अगर बच्चे शाम 5 बजे तक भी पढ़ना चाहते हैं तो आप उन्हें पढ़ाइए। इसके साथ ही बच्चों से कहा कि आप पढ़ें चाहे नहीं पढ़े लेकिन आपको स्कूल में 3:30 बजे तक रहना है भागना नहीं है। उनका ये बयान कैमरे में कैद हो गया है, जिससे शिक्षक सोच में पड़ गए है कि क्या 5 बजे तक पढ़ाने का फरमान जारी होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;निरीक्षण करने पहुंचे केके पाठक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक शुक्रवार को वैशाली जिले सरकारी स्कूलों का जायजा लेने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान केके पाठक हाजीपुर के हंसतारगंज मध्य विद्यालय पहुंचे जहां उन्होंने बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने चंद्रलेखा मध्य विद्यालय अस्तीपुर, मध्य विद्यालय मीनापुर व अन्य स्कूलों का निरीक्षण किया। जिसके बाद केके पाठक लालगंज के घटारो मध्य विद्यालय में पहुंचे। यहां उन्होंने एक शिक्षिका को कहा कि आप 3:30 से लेकर 5:00 बजे तक स्कूल में रहें। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों से कहा कि आप पढ़ें चाहे नहीं पढ़ें लेकिन 3:30 बजे तक आपको स्कूल में रहना है भागना नहीं है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहले भी जारी हो चुके हैं कड़े फरमान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि इससे पहले शिक्षा विभाग की तरफ से कई फरमान जारी किए गए थे। जैसे कि जिस स्कूल में शिक्षक पढ़ाते हैं उन्हें उस स्कूल के 15 किलोमीटर के दायरे में ही रहना होगा चाहे वो ड्यूटी पर हों या छुट्टी पर। इसके अलावा शिक्षकों को तबीयत खराब होने पर भी स्कूल आकर छुट्टी लेनी पड़ेगी। इस दौरान व्हाट्सएप पर छुट्टी का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यही नहीं कोई शिक्षक मीडिया में बयान नहीं दे सकता और न ही शिक्षा विभाग को लेकर सोशल मीडिया पर किसी प्रकार का पोस्ट कर सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>bihar madrasa news: शिक्षा विभाग ने की बड़ी कार्रवाई, 50 मदरसों की मान्यता हुई रद्द</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/education-department-took-major-action-recognition-of-50-madrassas-was-cancelled/</link><pubDate>December 6, 2023, 6:42 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/2-2-300x152.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में 50 मरदसों की मान्यता रद्द करने की बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि इनमें से दरभंगा जिले के अलग-अलग प्रखंड में सबसे ज्यादा 32 मदरसों को रद्द किया गया। इसके साथ ही सभी मदरसों के शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। ऐसे में इस...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में 50 मरदसों की मान्यता रद्द करने की बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि इनमें से दरभंगा जिले के अलग-अलग प्रखंड में सबसे ज्यादा 32 मदरसों को रद्द किया गया। इसके साथ ही सभी मदरसों के शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। ऐसे में इस बड़ी कार्रवाई के कारण मदरसा संचालकों और शिक्षकों में हडकंप मच गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें क्यों रद्द की गई मदरसों की मान्यता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, पटना हाई कोर्ट से पारित आदेश के अंतर्गत गठित तीन सदस्यीय समिति के जांच प्रतिवेदन पर बिहार के 50 मदरसों की प्रस्वीकृति रद्द करने के लिए कहा गया है। जिसमे सबसे अधिक दरभंगा जिले की 32 अनुदानित मदरसों की प्रस्वीकृति रद्द करने की बात कही गई है। जानकारी के मुताबिक मान्यता खत्म किए गए मदरसों की आधारभूत संरचना, भूमि ,समान स्तर से मदरसों की दूरी की कमी वजह बनी। इस दौरान पटना हाईकोर्ट में एक मुकदमे CWJC 20406/2018 में मोहम्मद अलाउद्दीन बिस्मिल की ओर से दायर याचिका 24 जनवरी 2023 को आदेश पारित हुआ था। इसी आदेश को लेकर ये कार्रवाई की गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन मदरसों की मान्यता रद्द&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरभंगा जिले के 32 मदरसा रद्द किए गए हैं। जिनमें &amp;#8211;&lt;/p&gt;



&lt;ul class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;सिंहवाड़ा प्रखंड अंतर्गत रामपुरा मदरसतुल बनात सखावतिया&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;अज्ञासपुर में मदरसा सैफुल इस्लाम&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;जाले में नरौछ धाम में स्थित मदरसा दारूल बनात&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;जहांगीर टोला में मदरसा इस्लामिया बहरूल उलूम&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;सदर प्रखंड के बड़ी भलनी में स्थित मदरसतुल सालेहाल&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;भलनी में मदरसा तालिमुल इस्लाम&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;मदरसतुल बनात फारूकिया&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;लोआम में मदरसतुल सालेहात&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;छोटाई पट्टी में मदरसा दिनियां रामपुर&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;मदरसा जामेतुल बनात&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;अलीनगर प्रखंड के घमसाइन मोमिन टोल में मदरसा दारूल बनात के साथ मिसवाहुल उलूम&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;मदरसा मसीहा दारूल बनात बघेला&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;मोतीपुर मिर्जापुर में मदरसा नसीमियां बनात&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;गौड़ा बौराम के नारी में स्थित मदरसा उस्मानियां निसवा&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;आसी में मदरसा तालिमुल कुरान&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;केवटी के शेखपुरा डगरवाड़ा में मदरसा इस्लामिया&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;बाबू सलीम पुर में मदरसा मदरसतुल बनात&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;रजौड़ा में मदरसा इस्लामिया&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;घनश्यामपुर के पड़री में मदरसा कादरिया&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;शाहपुर गनौन में मदरसा समीनुल उलूम&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;कुमरौल में मदरसा अनवारूल उलूम&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;बहादुरपुर डलौर शोभन में मदरसा मोहम्मदिया हुसैनाबाद&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;मिल्की चक में मदरसा बनातुल फातिमा&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;धरनीपट्टी में मदरसा मदरसतुल बनात तसलिमिया&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;हरिचंदा में मदरसा बनात इस्लामिया&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;मनीगाछी के मरवा घाट में स्थित मदरसा फैजूल रसूल&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;हायाघाट चन्दन पट्टी में मदरसा इमामिया&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;बिलासपुर में मदरसा अब्दुर खनसिवां&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;बहेड़ी के जोरजा निमैठी में स्थित मदरसा बदरूल उलूम अब्बासिया&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वेतन अनुदान स्थगित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड नियमावली 2022 के नियम 12(2) में दिए गए प्रावधान के अनुसार, आवश्यक कारवाई करने के लिए कहा गया है। डीएम राजीव रौशन ने बताया कि विशेष निदेशक का एक पत्र संज्ञान मे आया है जिसमें माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक मे मदरसा बोर्ड को निर्देश दिया गया है। इसमें जिले के लिए भी जो आदेश होगा उसका अनुपालन कराया जाएगा। फिलहाल वेतन अनुदान और अन्य को स्थगित करने का आदेश दिया गया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Teacher : केके पाठक ने बताया कब मिलेगा BPSC में चयनित शिक्षकों का वेतन</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/kk-pathak-told-when-the-teachers-selected-in-bpsc-will-get-their-salaries/</link><pubDate>December 2, 2023, 7:08 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/4-1-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक लगातार स्कूलों में औचक निरीक्षण करते नज़र आ रहे हैं। अब वह मुंगेर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पंहुचे। इस दौरान उन्होंने नए शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में दस...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक लगातार स्कूलों में औचक निरीक्षण करते नज़र आ रहे हैं। अब वह मुंगेर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पंहुचे। इस दौरान उन्होंने नए शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में दसवीं कक्षा के बाद हर हाल में ड्राप आउट रोकना है। शिक्षकों को समय पर वेतन भी मिलेगा और 7 दिसंबर से पहले नवनियुक्त का वेतन उनके खाते में चला जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया, आप हौसला बुलंद रखकर बच्चों का भविष्य बेहतर बनाएं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नवनियुक्त शिक्षकों को किया संबोधित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक शुक्रवार की रात मुंगेर पहुंचे। यहां जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में उन्होंने BPSC में चयनित नवनियुक्त शिक्षकों को निर्देश दिया। केके पाठक ने कहा, छह माह या वर्ष में एक बार सभी शिक्षकों का रिफ्रेशर कोर्स होगा। शिक्षा व्यवस्था ठीक रही तो गांवों में भी परिवर्तन दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि आप सभी की पोस्टिंग गांव में हुई है। गांव में विद्यालय के पास ही सभी अपना आवास रखें और पूरे मनोयोग से बच्चों को पढ़ाएं। केके ने कहा कि नवनियुक्त शिक्षकों को बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, जिसे बखूबी से निभाना है। गांव के लोगों को ये सोचकर आपका इंतजार है कि BPSC के नियुक्त शिक्षक हमारे गांव में आएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;1 जनवरी को मिलेगा वेतन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा केके पाठक ने कहा कि गांव के लोग सोच रहे हैं कि आपके आने से उनके बच्चों को एक नई सोच और उच्चस्तरीय शिक्षा प्राप्त होगी तो आप लोग गांव जाएं। किसी ने अफवाह उड़ा दी है कि एक लाख शिक्षक की भर्ती कर तो लिए हैं लेकिन विभाग पैसे कहां से देगा सबको। सरकार के पास तो पैसे ही नहीं हैं मगर आप लोग चिंता न करें। आप लोगों को समय पर पैसे मिलेंगे। 7 दिसंबर से पहले नवनियुक्त शिक्षकों को वेतन मिल जाएगा और दिसंबर माह का वेतन 1 जनवरी 2024 को मिलेगा। दिसंबर माह में एक लाख शिक्षक और आ जाएंगे, जो शिक्षकों की कमी है वो पूरी हो जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विद्यालय में हुई है बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यहां कार्यक्रम में जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा लोग बीपीएससी शिक्षकों का इंतजार कर रहे थे। विद्यालय में बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। समाज आप शिक्षकों को काफी सम्मान देगा। बिहार के नवनिर्माण में आप सभी सहयोग करें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar News: शिक्षा विभाग के नए फरमान से शिक्षक संघ नाराज, राष्ट्रपति और CJI से करेंगे शिकायत</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-news-teachers-union-angry-with-the-new-order-of-the-education-department-will-complain-to-the-president-and-cji/</link><pubDate>November 30, 2023, 7:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/7-5-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार शिक्षा विभाग के द्वारा लगातार नए-नए फरमान जारी किए जाने से बिहार के शिक्षकों में नाराजगी देखी जा रही है। वहीं अब केके पाठक के एक और नए फरमान को शिक्षक संघ ने मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना है। इस मामले को लेकर संघ, भारत के राष्ट्रपत...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार शिक्षा विभाग के द्वारा लगातार नए-नए फरमान जारी किए जाने से बिहार के शिक्षकों में नाराजगी देखी जा रही है। वहीं अब केके पाठक के एक और नए फरमान को शिक्षक संघ ने मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना है। इस मामले को लेकर संघ, भारत के राष्ट्रपति और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को पत्र लिखने की तैयारी में है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा विभाग कर रहा उल्लंघन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार का मानना है कि यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और ऐसे में वह अपने मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी सरकार से कई पत्राचार संघ और संगठन के होते रहे हैं। ऐसे में केके पाठक कैसे कह रहे हैं कि संघ बनाने का अधिकार नहीं है जो बनाएगा उसे पर कार्रवाई होगी। जबकि साल 1949 से हमारा संगठन रजिस्टर्ड है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;छुट्टियों में कटौती को लेकर दिया बयान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं स्कूलों में छुट्टियों का कैलेंडर जारी होने और स्कूल की अवधि का समय बढ़ाए जाने पर मनोज कुमार ने कहा कि यह कैसे संभव है। इसमें पहली और दूसरी कक्षा के छात्रों को जितना समय पढ़ाया जाएगा, उतना समय 10वीं और 12वीं के छात्रों को। वहीं मनोज कुमार ने यह भी कहा कि इससे पहले प्राथमिक विद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों के लिए अलग-अलग अवकाश तालिका बनाई जाती थी। बच्चों को 8 घंटे तक स्कूल में रोक पाना काफी मुश्किल है। ऐसे में सरकार को प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक के लिए अलग-अलग अवकाश तालिका जारी करनी चाहिए। कक्षा एक का बच्चा और 12वीं का बच्चा बराबर पढ़ेगा क्या यह व्यावहारिक है?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये है शिक्षा विभाग का नया निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक इन दिनों काफी एक्शन में नजर आ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने पत्र जारी करते हुए निर्देश दिया है कि सरकार ने किसी शिक्षक संघ को मान्यता नहीं दी है। वहीं पत्र के अनुसार, ऐसे में कोई भी शिक्षक संघ का निर्माण नहीं करेंगे, न ही किसी संघ से जुड़ेंगे। अगर कोई शिक्षक ऐसा करता है तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar News: सहसरांव पंचायत के सरपंच ने KK Pathak को लिखा पत्र, जानिए पूरा मामला</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-news-sarpanch-of-sahasraon-panchayat-wrote-a-letter-to-kk-pathak-know-the-whole-matter/</link><pubDate>November 4, 2023, 1:03 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/7-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार के सहसरांव पंचायत से जुड़ा मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि भगवानपुर हाट, सहसरांव पंचायत के सरपंच मुकेश कुमार सिंह ने शनिवार को बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को निबंधित डाक से पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने चार ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के सहसरांव पंचायत से जुड़ा मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि भगवानपुर हाट, सहसरांव पंचायत के सरपंच मुकेश कुमार सिंह ने शनिवार को बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को निबंधित डाक से पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने चार शिक्षकों पर फर्जी होने का आरोप लगाने के साथ ही उनका नियोजन रद्द करने का आग्रह किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नियोजित शिक्षकों को बर्खास्त करने का आग्रह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस पत्र में सरपंच मुकेश कुमार सिंह ने 2006 में नियोजित शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने के संबंध में बात कही है। इसमें निदेशक प्राथमिक शिक्षा विभाग बिहार के पत्रांक 450, दिनांक 26.03.2021 एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सिवान के ज्ञापांक 1127, दिनांक 20.05.2021 एवं बीडीओ भगवानपुर के पत्रांक 356, दिनांक 11.02.23 में वर्णित तथ्यों का हवाला दिया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन शिक्षकों का नाम आया सामने&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके साथ ही पत्र में कहा गया है कि उक्त सभी अधिकारियों ने कार्यपालक पदाधिकारी पंचायत समिति सह प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को पत्र के माध्यम से सूचित किया था कि शिक्षिका प्रेम पुतुल कुमारी मध्य विद्यालय जुआफर, बलिराम राय नायब प्राथमिक विद्यालय मालीटोला मुंदीपुर, प्रमोद कुमार पंडित प्राथमिक विद्यालय सोनवर्षा तथा जय प्रकाश सिंह प्राथमिक विद्यालय दिलसादपुर का नियोजन गलत प्रमाण पत्रों के आधार पर हुआ है। यही नहीं पत्र में उक्त शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करते हुए वेतन मद से भुगतान की गई राशि की वसूली करने का भी निर्देश दिया गया था, लेकिन अब तक नियोजन इकाई द्वारा उक्त शिक्षकों को बर्खास्त नहीं किया गया है और न ही राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या बोले प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी श्रवण कुमार ने बताया कि उक्त शिक्षकों का वेतन बंद कर दिया गया है। ऐसा होने के बाद भी वे अभी भी विद्यालय में हैं। इसके साथ ही बताया गया जा रहा है कि चारों शिक्षक वरीय अधिकारियों के आदेश के विपरीत न्यायालय की शरण में भी गए थे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार : प्रदेश में आया शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, अब NIC की तर्ज पर गठित करेंगे अपनी एजेंसी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-big-decision-of-education-department-in-the-state-now-we-will-set-up-our-own-agency-on-the-lines-of-nic/</link><pubDate>October 15, 2023, 5:56 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/1-11-248x300.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में शिक्षा विभाग खुद अपनी एजेंसी का गठन करने जा रहा है। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने हाल में समीक्षा बैठक में इस पर सहमति दी है। शिक्षा विभाग की अपनी एजेंसी राष्ट्रीय सूचना केंद्र की तर्ज पर शिक्षा विभाग खुद अपन...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में शिक्षा विभाग खुद अपनी एजेंसी का गठन करने जा रहा है। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने हाल में समीक्षा बैठक में इस पर सहमति दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा विभाग की अपनी एजेंसी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राष्ट्रीय सूचना केंद्र की तर्ज पर शिक्षा विभाग खुद अपनी एजेंसी का गठन करेगा। बताया जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि विभागीय संचिकाओं और उनसे संबंधित कार्य प्रभावित नहीं हों। अब इस संबंध में शिक्षा विभाग के स्तर से सैद्धांतिक सहमति बन गई है। बता दें कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने हाल ही में समीक्षा बैठक के दौरान इस पर मुद्दे पर सहमति दी है। उन्होंने समीक्षा द्वारा पाया कि एनआईसी के पास विभागीय फाइलें काफी लंबित हैं। इससे विभाग में कामकाज की क्षमता प्रभावित हो रही है। इसलिए उन्होंने अपने अधीनस्थ अफसरों से कहा कि इस दिशा में काम किया जाए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा विभाग का डिजिटल प्लेटफार्म&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, शिक्षा विभाग अपना डेटा और फाइलें सुरक्षित रखने के लिए डिजिटल प्लेटफार्म भी तैयार कर रहा है। यहीं नहीं इसके लिए साफ्टवेयर भी बनाया जा रहा है। इस तरह शिक्षा विभाग एनआइसी से हटकर अपना खुद का पोर्टल गठित करेगा। हालांकि ऐसा करने वाला शिक्षा विभाग बिहार सरकार का पहला महकमा होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार एक्शन मोड में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा राज्य में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को लेकर भी सरकार एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। इस दौरान शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के आदेश पर स्थापित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से सभी जिला और प्रखंड मुख्यालय में शिक्षा कार्यालयों में आए जनशिकायतों पर निगरानी रखी जा रही है। बता दें कि यहां कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के अंतर्गत 38 जिलों के लिए एक-एक कॉल सेंटर भी संचालित है, जहां राज्य के किसी भी जगह से कोई भी शिक्षक, अभिभावक और छात्र कॉल द्वारा अपनी शिकायत बता सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, कहा- बिहार में शिक्षा का बजट 40 हजार…</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-prashant-kishore-the-architect-of-jan-suraj-padyatra-raised-questions-on-the-education-system-said-the-budget-of-education-in-bihar-is-rs-40-thousand/</link><pubDate>September 22, 2023, 12:24 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download-2-7-300x168.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। प्रशांत किशोर ने कहा शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में शिक्षा का बजट 40 हजार करोड़ रुपये का है लेकिन 40 बच्चे भी अच्छे से पढ़कर नहीं निकल पा रहे हैं। प्रशांत किशोर ने उठाए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल बिहार में शिक्षा व्यवस्था...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; प्रशांत किशोर ने कहा शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में शिक्षा का बजट 40 हजार करोड़ रुपये का है लेकिन 40 बच्चे भी अच्छे से पढ़कर नहीं निकल पा रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रशांत किशोर ने उठाए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक काफी दिनों से एक्टिव दिखाई दे रहे हैं। वह शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने पर भी पूरा ध्यान दे रहे हैं। इन सबके बीच चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को एक बयान जारी करते हुए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गांवों में शिक्षक के रहने की व्यवस्था नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मुजफ्फरपुर में जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि अभी सरकार का जो प्रयास है, अधिकारी शिक्षकों को स्कूल में बैठा रहे हैं। अगर शिक्षक स्कूल में बैठ भी जाएं तो उन्हें पढ़ाने के लिए आप कैसे मजबूर करेंगे? इस बयान में प्रशांत किशोर किसी अधिकारी का नाम नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि गांवों में शिक्षक के रहने की व्यवस्था ही नहीं है। उसके खुद के बच्चे के बीमार पड़ने पर इलाज की व्यवस्था ही नहीं है, तो भला वो वहां रहेगा कैसे? प्रशांत किशोर ने नसीहत देते हुए कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य दोनों ही क्षेत्रों में बेहतर यही होगा कि आप भले दो ही स्कूल या अस्पताल खोलें, लेकिन उसे अच्छे से चलाएं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हर प्रखंड में 3 से 5 विश्व स्तरीय संस्थान बनाएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार लाने को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि हर प्रखंड में कम से कम 3 से 5 विश्व स्तरीय संस्थान बनाए जाएं। बजाय इसके कि आपने 25, 30, 40 व्यवस्था बनाई हुई है, जहां पर आप केवल खिचड़ी बांट रहे हैं और चोरी करा रहे हैं। प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि ये पैसा हम खर्च कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि बिहार सरकार ये पैसा खर्च नहीं कर रही है। बिहार में शिक्षा का बजट 40 हजार करोड़ रुपये का है और आप स्कूलों की दशा देख लीजिए कि क्या हो रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;40 करोड़ खर्च पर भी अच्छी व्यवस्था नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि राजधानी पटना के जयप्रकाश नगर के प्राथमिक विद्यालय का वीडियो बिहार सरकार की पोल खोलते हुए तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि एक क्लास रूम में पांच कक्षाओं के बच्चों को बैठाकर एक ही ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाया जा रहा है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में हम 40 हजार करोड़ रुपये हर साल शिक्षा पर खर्च कर रहे हैं लेकिन इससे 40 बच्चे भी अच्छे से पढ़कर नहीं निकल पा रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बच्चों को विद्यालय तक पहुंचाने की व्यवस्था करें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रशांत किशोर ने कहा कि इसी बिहार में नेतरहाट, लंगट सिंह कॉलेज, पटना साइंस कॉलेज, पटना कॉलेज के साथ ऐसे दस से भी अधिक इंस्टीट्यूशन थे। इनसे बढ़कर हर प्रखंड में एक से दो विद्यालय ऐसे थे जहां से पढ़कर लोग अपना जीवन बना पाते थे। उन्होंने कहा कि मैंने जो आपको बताया कि समता मूलक शिक्षा नीति बनाने के चक्कर में आपने हर जगह विद्यालय खोल दिए। उसकी गुणवत्ता पर, उसकी सुविधाओं पर, वहां मिलने वाली शिक्षा पर आपने ध्यान नहीं दिया। अगर शिक्षा व्यवस्था सुधारना है तो हम लोगों को हर गांव में विद्यालय बनाने की बजाय बच्चों को विद्यालय तक पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>शिक्षा मंत्री और केके पाठक विवाद: सुबह-सुबह लालू यादव से मिले थे चंद्रशेखर, बोले- मैं बड़ा या अफसर</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/education-minister-and-kk-pathak-controversy-chandrashekhar-met-lalu-yadav-early-in-the-morning-said-i-am-big-or-an-officer/</link><pubDate>July 6, 2023, 10:11 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-05T163223.346-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। अपने विवादित बयानों की वजह से अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाले शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव एक बार फिर से चर्चा में हैं। दरअसल इस बार शिक्षा मंत्री ने अपर मुख्य सचिव केके पाठक से टक्कर ले ली है। शिक्षा विभाग में जारी जंग के बीच राजद और जदयू ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;अपने विवादित बयानों की वजह से अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाले शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव एक बार फिर से चर्चा में हैं। दरअसल इस बार शिक्षा मंत्री ने अपर मुख्य सचिव केके पाठक से टक्कर ले ली है। शिक्षा विभाग में जारी जंग के बीच राजद और जदयू में भी तल्खी देखने को मिल रही है। इस विवाद को खत्म करने के लिए आज सीएम नीतीश ने अपने घर पर आपात बैठक बुलाई थी। जिसमें चंद्रशेखर यादव और अपर मुख्य सचिव केके पाठक दोनों शामिल रहे। इसके आलावा जदयू अध्यक्ष ललन सिंह, वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी व मंत्री वीजेंद्र यादव भी सीएम आवास पर मौजूद रहे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;मैं बड़ा या अपर सचिव?&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इससे पहले आज चंद्रशेखर यादव सुबह सुबह राजद प्रमुख लालू यादव से मिलने उनके आवास पहुंचे थे। जहां उन्होंने कहा कि यह मामला कुछ भी नहीं है। आप लोग ही बताइए कि संविधान में कौन बड़ा है? मंत्री या अपर मुख्य सचिव? चीजों को देखने समझने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। वहीं बीजेपी अगर आरोप लगा रही है तो उसका काम ही है आरोप लगाना।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;विभाग ने मांगा प्रमाण&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मालूम हो कि पिछले 30 घंटे में अब तक तीन पत्र जारी हो चुके हैं। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के निजी सचिव कृष्णा नंद यादव घिरते नजर आ रहे हैं। बुधवार की रात में निदेशक प्रशासन ने कृष्णा नंद यादव को पत्र जारी करते हुए शिक्षा विभाग में प्रवेश पर रोक लगाते हुए अपने नाम के साथ डॉक्टर लिखने का प्रमाण मांगा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;जानिए क्या है मामला&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि केके पाठक अपनी कड़क छवि के लिए जाने जाते हैं। अभी एक महीने पहले ही वो शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बनाए गए हैं। इनके द्वारा दिए गए आदेशों से विभाग में हड़कंप मच गया है। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव ने इसी बीच केके पाठक को हड़काते हुए एक लेटर जारी किया है। इसके बाद जदयू और राजद भी आमने-सामने आ गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;कान पकड़कर बाहर निकालो&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राजद प्रवक्ता भाई वीरन्द्र ने कहा है कि केके पाठक होश में रहकर काम नहीं करते हैं। उन्हें कान पकड़कर बाहर निकाल देना चाहिए। वहीं जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि के के पाठक अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग में काफी सुधार किया है। मालूम हो कि चंदशेखर यादव ने पत्र के जरिए यह आरोप लगाया है कि केके पाठक राज्य सरकार के नियमों के मुताबिक काम नहीं करते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर और केके पाठक के बीच विवाद गहराया, सीएम नीतीश ने की आपात बैठक</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/controversy-deepens-between-education-minister-chandrashekhar-and-kk-pathak-cm-nitish-holds-emergency-meeting/</link><pubDate>July 6, 2023, 9:06 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-05T163223.346-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। अपने विवादित बयानों की वजह से अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाले शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव एक बार फिर से चर्चा में हैं। दरअसल इस बार शिक्षा मंत्री ने अपर मुख्य सचिव केके पाठक से टक्कर ले लिया है। शिक्षा विभाग में जारी जंग के बीच राजद और जदय...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;अपने विवादित बयानों की वजह से अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाले शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव एक बार फिर से चर्चा में हैं। दरअसल इस बार शिक्षा मंत्री ने अपर मुख्य सचिव केके पाठक से टक्कर ले लिया है। शिक्षा विभाग में जारी जंग के बीच राजद और जदयू में भी तल्खी देखने को मिल रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;सीएम आवास पर बैठक&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव के खिलाफ बीजेपी पहले से ही हमलावर है। जबकि अब राजद और जदयू के बीच में भी तू-तू मैं-मैं शुरू हो गई है। पीत पत्र विवाद के बीच सीएम नीतीश अब एक्शन में आ गए हैं। उन्होंने एक अणे मार्ग पर आपात बैठक बुलाई। जिसमें चंद्रशेखर यादव और अपर मुख्य सचिव केके पाठक दोनों शामिल रहे। इसके आलावा जदयू अध्यक्ष ललन सिंह, वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी एवं मंत्री वीजेंद्र यादव भी सीएम आवास पर मौजूद रहे। इस दौरान सबने अपनी बातें सीएम नीतीश कुमार के समक्ष रखी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;विभाग ने मांगा प्रमाण&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं बैठक खत्म होने के बाद सीएम आवास से बाहर निकले चंद्रशेखर यादव से जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ शिक्षा विभाग के विकास पर बातचीत हुई है। जबकि पीत पत्र विवाद पर वो कुछ भी कहने से बचते रहे। मालूम हो कि पिछले 30 घंटे में अब तक तीन पत्र जारी हो चुके हैं। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के निजी सचिव कृष्णा नंद यादव घिरते नजर आ रहे हैं। बुधवार की रात में निदेशक प्रशासन ने कृष्णा नंद यादव को पत्र जारी करते हुए शिक्षा विभाग में प्रवेश पर रोक लगाते हुए अपने नाम के साथ डॉक्टर लिखने का प्रमाण मांगा है।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>