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                    <title><![CDATA[अगर बनना चाहते हो करोड़पति, तो बस अपनाएं जिंदगी में वॉरेन बफे के ये 5 सिद्धांत]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/business/if-you-want-to-become-a-millionaire-then-just-follow-these-5-principles-of-warren-buffett-in-your-life/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। आज के समय में व्यक्ति का आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी होता है। साथ ही व्यक्ति को निवेश का भी ज्ञान होना चाहिए। आज हम आपको वॉरेन बफे के पांच महत्वपूर्ण फाइनेंशियल टिप्स के बारे में बताएंगे, जिन्हें सीखने के बाद आप आर्थिक रूप से सक्षम बन सकते हैं। इन सिद्धांतों को अपने जीवन में [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-26T143936.448.jpg"/><strong>पटना।</strong> आज के समय में व्यक्ति का आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी होता है। साथ ही व्यक्ति को निवेश का भी ज्ञान होना चाहिए। आज हम आपको वॉरेन बफे के पांच महत्वपूर्ण फाइनेंशियल टिप्स के बारे में बताएंगे, जिन्हें सीखने के बाद आप आर्थिक रूप से सक्षम बन सकते हैं। इन सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने से बच्चे धन प्रबंधन में कुशल बनेंगे।
<h2><strong>आर्थिक रूप से जिम्मेदार बनते हैं</strong></h2>
इतना ही नहीं उनके पास पैसा खुद-ब-खुद आकर्षित होगा। आप जितनी जल्दी पैसों का महत्व समझ जाएं, उतना ही फायदेमंद होता है। वॉरेन बफे का मानना है कि वित्तीय शिक्षा बचपन में ही शुरू हो जानी चाहिए ताकि भविष्य में समझदारी से आर्थिक फैसले ले सकें। सभी को छोटी उम्र से ही आय, खर्च और बचत का महत्व समझाना जरूरी हो जाता है। इससे वे आर्थिक रूप से जिम्मेदार बनते हैं और गलत वित्तीय निर्णय नहीं लेते हैं।
<h2><strong>फाइनेंशियल शिक्षा की शुरुआत</strong></h2>
वॉरेन बफे का पहला सिद्धांत है कि जल्दी से जल्दी फाइनेंशियल शिक्षा के बारे में सीख लें। फाइनेंशियल शिक्षा में यह जानें कि छोटी बचत का असर कितना बड़ा पड़ता है। वॉरेन बफे के मुताबिक धन संचय की प्रक्रिया छोटे-छोटे कदमों से शुरू होती है। बच्चों को पॉकेट मनी या उपहार में मिले पैसे का कुछ हिस्सा हमेशा बचाकर रख लेना चाहिए। इससे वे पैसे की कद्र करना सीखेंगे। साथ ही भविष्य के लिए धन संचित करने की आदत डालेंगे।
<h2><strong>फाइनेंशियल मैनेजमेंट सीखना</strong></h2>
वॉरेन बफे का दूसरा सिद्धांत है फाइनेंशियल मैनेजमेंट सीखना। निवेश करने के लिए जरूरी है कि फाइनेंशियल मैनेजमेंट को सीखें। फाइनेंशियल मैनेजमेंट में यह सिखाया जाता है कि जरूरत और शौक में क्या फर्क है। बच्चों को समझाएं कि जरूरी चीजें जैसे भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य जरूरत होती है। जबकि महंगे खिलौने या फैंसी चीजें केवल शौक होते हैं। यह समझ विकसित होने पर वे खर्च को नियंत्रित करना सीखेंगे। साथ ही अपनी प्राथमिकताएं खुद बनाएंगे।
<h2><strong>कुछ नया सीखने की प्रेरणा</strong></h2>
बच्चों को खुद से कुछ नया सीखने और रिसर्च करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। वॉरेन बफे स्वयं किताबें पढ़ने और नए विषयों के बारे में सीखने पर विश्वास रखते थे। ज्यादा से ज्यादा निवेश के बारे में जानकारी प्राप्त करें। फाइनेंशियल निवेश में यह जरूर सीखे कि लॉन्ग टर्म निवेश किस तरह धन बढ़ाने का काम करता है। इससे वे धैर्यपूर्वक अपने फाइनेंशियल टारगेट पर ध्यान देंगे और पाने की कोशिश करेंगे।
<h2><strong>एंटरप्रेन्योरशिप की भावना</strong></h2>
वॉरेन बफे का चौथा सिद्धांत है एंटरप्रेन्योरशिप की भावना विकसित करना। आर्थिक रूप से निर्भर बनने के लिए जरूरी है कि आप में एंटरप्रेन्योर की भावना आए। निवेश से पहले बिजनेस करने के बारे में सोचे। प्रतिदिन नए-नए बिजनेस आइडिया के बारे में जानकारी लें और स्टार्ट करने की सोचे। ऐसे आइडिया आपको नया बिजनेस करने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही आपको ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने का ज्ञान मिलेगा। इस आइडिया से वे जोखिम लेना, योजना बनाना और अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर करना सीखेंगे।]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 26, 2025, 9:10 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[लोन चुकाने के मामले में महिलाएं पुरुषों से आगे, रीपेमेंट के मामले में बढ़ती हिस्सेदारी]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/business/women-are-ahead-of-men-in-terms-of-paying-off-loans-share-in-repayment-is-increasing/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। भारत में लोन लेने और उसे चुकाने के मामले में महिलाओं ने पुरूषों का पछाड़ दिया है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनी सीआरआईएफ हाई मार्क की रिपोर्ट में इस बात का पता चला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाओं ने लोन लेने और रीपेमेंट के मामले में पुरुषों से [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-26T143936.448.jpg"/><strong>पटना।</strong> भारत में लोन लेने और उसे चुकाने के मामले में महिलाओं ने पुरूषों का पछाड़ दिया है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनी सीआरआईएफ हाई मार्क की रिपोर्ट में इस बात का पता चला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाओं ने लोन लेने और रीपेमेंट के मामले में पुरुषों से काफी आगे निकल चुकी है।
<h2><strong>महिला उधारकर्ताओं की संख्या में इजाफा</strong></h2>
साल 2024 में सक्रिय महिला उधारकर्ताओं की संख्या 10.8% बढ़कर 8.3 करोड़ हो गई। जो पुरुषों की तुलना में 6.5% ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं ने लोन रीपेमेंट में भी पुरुषों से बेहतर प्रदर्शन किया है। अधिकांश लोन प्रोडक्ट्स जैसे कॉरपोरेट लोन, एग्रीकल्चर लोन, होम लोन, ट्रैक्टर लोन, प्रॉपर्टी लोन और एजुकेशन लोन के रीपेमेंट में महिलाओं ने ज्यादा अनुशासित व्यवहार दिखाया है। हालांकि, सोने के बदले लिए गए कर्ज और दोपहिया वाहन कर्ज में पुरुषों की हिस्सेदारी ज्यादा रही है।
<h2><strong>महिलाओं को लोन देने में बैंकों की दिलचस्पी</strong></h2>
रिपोर्ट में कहा गया कि साल 2024 में सरकारी वित्तीय संस्थानों और बैंकों ने महिलाओं को लोन देने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। महिला उधारकर्ताओं का कुल बकाया लोन पोर्टफोलियो 18% बढ़कर 36.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसके बावजूद, कुल कर्जदारों में महिलाओं की हिस्सेदारी 24% ही रही है। 35 वर्ष या उससे कम उम्र की महिलाओं ने लोन ऑरिजिनेशन में सबसे अधिक योगदान दिया। साल 2024 में महिलाओं की लोन ऑरिजिनेशन हिस्सेदारी बढ़कर 43.8% हो गई।
<h2><strong>लोन के मामले में महाराष्ट्र सर्वश्रेष्ठ</strong></h2>
महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी इस ओर इशारा करती है कि युवा महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। राज्यों की बात करें, तो महिलाओं की ओर से लिए गए होम लोन, कॉरपोरेट लोन, प्रॉपर्टी लोन, क्रेडिट कार्ड, कार लोन और एजुकेशन लोन के मामले में महाराष्ट्र सर्वेश्रेष्ठ रहा। इससे संकेत मिलता है कि महाराष्ट्र की महिलाएं वित्तीय समावेशन में सबसे आगे हैं। महिलाओं की बढ़ती लोन भागीदारी भारत की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना के लिए सकारात्मक कदम है।
<h2><strong>कर्ज देने की पहल शिक्षा में योगदान</strong></h2>
महिलाओं की लोन में बढ़ती हिस्सेदारी से महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता बढ़ेगी। साथ ही आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। सरकार और वित्तीय संस्थानों की ओर से महिलाओं को अधिक कर्ज देने की पहल उनके व्यवसायों और शिक्षा में योगदान को और मजबूत करेगी।]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 26, 2025, 9:10 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[नियम के उल्लंघन के लिए इन कंपनी पर आरबीआई ने लगाया भारी जुर्माना]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/business/rbi-imposed-heavy-fine-on-these-companies-for-violating-the-rules/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। भारतीय रिजर्व बैंक ने गैर बैकिंग वित्तीय कंपनियों के निर्देशों के प्रावधानों का पालन न करने पर 4 एनबीएफसी के निर्देशों के बाद प्रावधानों का पालन न करने पर 4 एनबीएफसी रंग दे पी 2पी फाइनेंशियल प्राइवेट लिमिटेड और ब्रिज फिनटेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड पर 76.60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। फाइनेंशियल कंपनी [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-26T143936.448.jpg"/>प<strong>टना।</strong> भारतीय रिजर्व बैंक ने गैर बैकिंग वित्तीय कंपनियों के निर्देशों के प्रावधानों का पालन न करने पर 4 एनबीएफसी के निर्देशों के बाद प्रावधानों का पालन न करने पर 4 एनबीएफसी रंग दे पी 2पी फाइनेंशियल प्राइवेट लिमिटेड और ब्रिज फिनटेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड पर 76.60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
<h2><strong>फाइनेंशियल कंपनी पर 10 लाख का जुर्माना</strong></h2>
आरबीआई ने कहा कि उसने रंग दे पी2 पी फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने व्यक्तिगत ऋणदाताओं की विशेष मंजूरी के बिना व्यक्तिगत उधारकर्ता को ऋण बांटा है। फेयरएसेट्स टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर व्यक्तिगत ऋणदाताओं की खास स्वीकृति के बिना लोन बांटना, संभावित ऋणदाताओं को उधारकर्ताओं के लोन मूल्यांकन और जोखिम प्रोफाइल का खुलासा न करने और आंशिक रूप से प्रबंधन शुल्क का परित्याग करके आंशिक ऋण जोखिम लेने के लिए 40 लाख रुपए का टैक्स लगाया गया है।
<h2><strong>ट्रांसफर मैकेनिज्म पर 16 लाख का जुर्माना</strong></h2>
आरबीआई ने अपने एक बयान में कहा कि कंपनी ने फंड ट्रांसफर मैकेनिज्म पर आरबीआई के निर्देशों का भी पालन नहीं किया है। जब उसने किसी विशिष्ट उधारकर्ता से किसी विशिष्ट ऋणदाताओं द्वारा प्रदान किए गए नए फंड से या उधारकर्ताओं से इकट्ठे पुनर्भुगतान की परमिशन दी है। आरबीआई द्वारा जारी गैर बैकिंग वित्तीय कंपनी पीयर टू पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म निर्देश 2017 के कुछ प्रावधानों का पालन न करने के लिए विजनरी फाइनेंसपीयर प्राइवेट लिमिटेड पर 16.60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
<h2><strong> जरूरी ऋण पर खुलासा नहीं</strong></h2>
आरबीआई के मुताबिक कंपनी ने व्यक्तिगत ऋणदाताओं की खास स्वीकृति के बिना व्यक्तिगत उधारकर्ताओं को लोन बांटा हैं। कंपनी ने यह सुनिश्चित नहीं किया कि प्रत्येक व्यक्तिगत ऋणदाता और उधारकर्ताओं ने ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किया है या नहीं। इसने ऋणदाताओं को उधारकर्ताओं के जरूरी विवरण का खुलासा भी नहीं किया। इसके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के मूल्य निर्धारण के लिए कंपनी के पास बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति नहीं थी।
<h2><strong>सेवा प्रदाताओं का निरीक्षण करने का अधिकार</strong></h2>
कंपनी ने कुछ मामलों में यह सुनिश्चित नहीं किया कि सेवा प्रदाताओं के साथ इसके समझौतों में आरबीआी के सेवा प्रदाताओं का निरीक्षण करने के अधिकार को मान्यता देने के लिए खंड शामिल है। सेवा प्रदाताओं की वार्षिक समीक्षा की।]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 26, 2025, 9:10 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[सरकार के बफर स्टॉक में दाल का गोदाम खाली, न्यूनतम स्तर पर पहुंचा दलहन भंडार]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/business/the-governments-buffer-stock-warehouse-is-empty-the-stock-of-pulses-has-reached-the-minimum-level/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। केंद्र सरकार ने किसानों से तुअर, उड़द और मसूर दालों की सौ प्रतिशत खरीदारी करने का वादा किया है, लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की तुलना में खुले बाजार में ज्यादा कीमत मिलने के चलते जरूरत के मुताबिक सरकारी खरीद नहीं हो पा रही है। इसका सीधा प्रभाव बफर स्टॉक पर पड़ने लगा है। [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-26T143936.448.jpg"/><strong>पटना।</strong> केंद्र सरकार ने किसानों से तुअर, उड़द और मसूर दालों की सौ प्रतिशत खरीदारी करने का वादा किया है, लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की तुलना में खुले बाजार में ज्यादा कीमत मिलने के चलते जरूरत के मुताबिक सरकारी खरीद नहीं हो पा रही है। इसका सीधा प्रभाव बफर स्टॉक पर पड़ने लगा है। दाल का भंडार न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है।
<h2><strong> पीली मटर का आयात</strong></h2>
यह सरकार के लिए खतरे का संकेत है। हालांकि अच्छी बात है कि बफर स्टॉक का हाल और दाल की कीमतों में वृद्धि की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने पीली मटर की दाल के आयात से भरपाई करने की कोशिश की है। एक साल में 67 लाख टन से ज्यादा दाल का आयात किया गया है, जिसमें 31 लाख टन केवल पीली मटर की दाल है। इसकी ड्यूटी मुक्त की अवधि भी बढ़ा दी गई है। कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बफर स्टॉक में कम से कम 35 लाख टन दाल का होना जरूरी है।
<h2><strong>बफर स्टॉक में मौजूद कम दाल</strong></h2>
वर्ष 2021-22 में यह 30 लाख टन और 2022-23 में 28 लाख टन था, लेकिन वर्तमान में बफर स्टॉक में आधी से भी कम दाल मौजूद है। जानकारी के मुताबिक सरकारी एजेंसियां नेफेड एवं एनसीसीसी के स्टॉक में केवल 14.5 लाख टन दाल ही बाकी हैं। देश में सबसे अधिक तुअर दाल की मांग है, किंतु बफर स्टॉक में इसकी मात्रा केवल 35 हजार टन ही है। ऐसे में सरकार की चिंता बढ़ना लाजिमी है। खरीदारी में तेजी लाने के निर्देश दिए गए है। सरकार को तुअर दाल की खरीदारी 13.20 लाख टन करनी है।
<h2><strong>मसूर दाल की स्थित ठीक</strong></h2>
खरीद एजेंसियों ने महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में दाल खरीदना आरंभ कर दिया है। मसूर, मूंग और चना दाल के स्टॉक में गिरावट है। बफर स्टॉक में उड़द की दाल नौ हजार टन मौजूद है। वहीं केंद्र सरकार ने इसके लिए चार लाख टन का मानक निश्चित किया है। इसी तरह चना दाल भी कम से कम दस लाख टन होना चाहिए, लेकिन स्टॉक में केवल 97 हजार टन ही है। हालांकि मसूर दाल की स्थिति काफी हद तक ठीक है। मानक दस लाख टन की तुलना में बफर स्टॉक पांच लाख टन से ज्यादा है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 26, 2025, 9:10 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[होली से पहले इन सरकारी कर्मचारियों की लग गई लॉटरी, सरकार ने की महंगाई भत्ते में 12 फीसदी की वृद्धि]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/business/these-government-employees-hit-the-jackpot-before-holi-the-government-increased-dearness-allowance-by-12/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। होली से पहले सरकारी कर्मचारियों को महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है। मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार ने एक आदेश जारी कर अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 5वें वेतन आयोग के अपरिवर्तित वेतनमान के तहत 12 प्रतिशत फीसदी की वृद्धि की। ये एक जुलाई, 2024 से प्रभावी हो जाएगा। बता दें कि [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-26T143936.448.jpg"/><strong>पटना।</strong> होली से पहले सरकारी कर्मचारियों को महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है। मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार ने एक आदेश जारी कर अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 5वें वेतन आयोग के अपरिवर्तित वेतनमान के तहत 12 प्रतिशत फीसदी की वृद्धि की। ये एक जुलाई, 2024 से प्रभावी हो जाएगा। बता दें कि सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के तहत 443 प्रतिशत से संशोधित कर डीए को 455 प्रतिशत किया गया है।
<h2><strong>हुआ महंगाई भत्ते में इजाफा</strong></h2>
जानकारी के अनुसार सरकारी कर्मचारियों की महाराष्ट्र सरकार होली से पहले धमाकेदार गिफ्ट दे रही है। करीब 17 लाख सरकारी कर्मचारियों को महाराष्ट्र सरकार ये गिफ्ट दे रही है। इसके तहत सरकार ने महंगाई भत्ते में 12 फीसदी का इजाफा किया गया है। दरअसल सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में महाराष्ट्र की महायुती सरकार ने काफी इजाफा कर दिया है। इस ऐलान कर करने के बाद सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में ये महंगाई भत्ता बढ़कर आएगा जो मार्च में दी जाएगी। वहीं दूसरी ओर जल्द ही केंद्र सरकार की ओर से भी जल्द ही महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का ऐलान हो सकता है।
<h3><strong>12 फीसदी का इजाफा</strong></h3>
जानकारी के अनुसार मंगलवार को एक आदेश जारी कर महाराष्ट्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 5वें वेतन आयोग के अपरिवर्तित वेतनमान के तहत 12 फीसदी की वृद्धि की, जो 1 जुलाई, 2024 से प्रभावी हो जाएगी। सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के अनुसार, डीए को 443 प्रतिशत से संशोधित कर 455 प्रतिशत किया गया है। वहीं फरवरी, 2025 के वेतन के साथ इसका भुगतान नकद में किया जाएगा, जिसमें एक जुलाई 2024 से 31 जनवरी, 2025 तक का बकाया भी शामिल है।
<h3><strong>लाखों कर्मचारियों को होगा लाभ</strong></h3>
इस आदेश को लेकर राज्य वित्त विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि कुल 17 लाख कर्मचारियों को डीए बढ़ोतरी से लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार के आदेश के अनुसार संशोधित महंगाई भत्ते पर होने वाले खर्च को सरकारी कर्मचारियों के लिए संबंधित वेतन और भत्ते के मद में आवंटित बजटीय प्रावधानों से पूरा किया जाएगा। जिला परिषद कर्मचारियों के साथ-साथ अनुदान प्राप्त संस्थाओं के लिए व्यय को उनकी वित्तीय सहायता के लिए निर्दिष्ट उप-शीर्षों के अंतर्गत दर्ज किया जाएगा।
<h3><strong>केंद्र सरकार के ऐलान करने की उम्मीद</strong></h3>
बता दें कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए भी इस साल की होली काफी खास होने वाली है। ऐसा माना जा रहा है कि उन्हें होली 2025 से पहले कोई न कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में सरकार होली से पहले बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। डीए में यह बढ़ोतरी महंगाई से राहत देने के लिए की जा रही है, जिससे कर्मचारियों के वेतन और पेंशनर्स की पेंशन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की संभावना है। जानकारी के अनुसार साल में दो बार 7वें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता बढ़ाया जाता है। इसके अनुसार ही 2025 की पहली बढ़ोतरी 1 जनवरी 2025 से लागू होगी और इसकी आधिकारिक घोषणा मार्च 2025 में की जा सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है।
<h3><strong>कितना बढ़ेगा DA?</strong></h3>
कर्मचारी संगठनों के अनुसार मार्च 2025 में यानी होली के आसपास सरकार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (डीए वृद्धि 2025) में 3 से 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है। इसके मुताबिक प्रवेश स्तर के केंद्र सरकार के कर्मचारी, जिनका मूल वेतन लगभग 18,000 रुपए प्रति माह है, का वेतन 1 जनवरी 2025 से 540-720 रुपए प्रति माह बढ़ सकता है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 26, 2025, 9:10 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[विदेशों से जमकर हो रही सामानों की खरीदारी, रुपये की कीमत में आई गिरावट]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/business/heavy-purchase-of-goods-from-abroad-decline-in-value-of-rupee/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। भारत अभी भी चीजों की बिक्री से ज्यादा उन्हें खरीदने पर ध्यान दे रहा है। इसी के चलते जनवरी में भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 22.9 अरब डॉलर हो गया। दिसंबर में यह 21.94 अरब डॉलर था। रुपये की गिरती कीमत के कारण आयात का बिल बढ़ने के कारण ऐसा हुआ है। व्यापार घाटे [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-26T143936.448.jpg"/><strong>पटना।</strong> भारत अभी भी चीजों की बिक्री से ज्यादा उन्हें खरीदने पर ध्यान दे रहा है। इसी के चलते जनवरी में भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 22.9 अरब डॉलर हो गया। दिसंबर में यह 21.94 अरब डॉलर था। रुपये की गिरती कीमत के कारण आयात का बिल बढ़ने के कारण ऐसा हुआ है। व्यापार घाटे का मतलब है कि हम जितना सामान निर्यात करते हैं, उससे ज्यादा सामान देश में आयात करते हैं।
<h2><strong>भारत के निर्यात में हुई वृद्धि</strong></h2>
इस वित्तीय वर्ष के अप्रैल से जनवरी तक भारत का निर्यात 1.39% बढ़कर 358.91 अरब डॉलर हो गया। वहीं, आयात 7.43% बढ़कर 601.9 अरब डॉलर हो गया। यानी हमने ज्यादा सामान बाहर बेचा, लेकिन उससे कही ज्यादा आयात करते हैं। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि भारत का सामान और सेवाओं का निर्यात बहुत अच्छा चल रहा है। उन्होंने आगे बताया कि इलेक्ट्रॉनिक सामान निर्यात को आगे बढ़ा रहे हैं। उसके बाद दवाइयां, फार्मास्युटिकल्स और चावल का नंबर आता है।
<h2><strong>कच्चे तेल की खरीदारी</strong></h2>
हम इलेक्ट्रॉनिक सामान, दवाइयां, और चावल ज्यादा बेच रहे हैं। जनवरी में भारत ने 36.43 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया। वहीं दिसंबर में यह 38.01 अरब डॉलर था। जनवरी में आयात 59.42 अरब डॉलर का था, जो दिसंबर में 59.95 अरब डॉलर हो गया था। जनवरी में हमने दिसंबर के मुकाबले कम सामान बेचा और ज्यादा सामान खरीदा। जनवरी में भारत का सोने का आयात घटकर 2.68 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले महीने 4.7 अरब डॉलर था। कच्चे तेल की खरीदारी भी दिसंबर के 15.2 बिलियन डॉलर से घटकर जनवरी में 13.4 अरब डॉलर रह गया।
<h2><strong>सोने की बढ़ती कीमत में आई कमी</strong></h2>
पिछले साल दिसंबर में सरकार ने बताया था कि भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 37.84 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन बाद में सोने के आयात के आंकड़ों में परिवर्तन के बाद इसे 32.84 अरब डॉलर कर दिया गया। सोने के आयात में कमी से व्यापार घाटे में कमी आई। सोने की बढ़ती कीमतों ने मांग को कम कर दिया है। दुनिया भर में अनिश्चितता के कारण सोने की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे सोना महंगा हो गया है। वहीं रुपये की गिरती कीमत ने भारत की व्यापारिक समस्याओं को बढ़ा दिया है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 26, 2025, 9:10 am</pubDate>
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                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Wikipedia को फिर मिला एलन मस्क का ऑफर, 1 बिलियन डॉलर लो और नाम बदल दो]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/business/wikipedia-again-gets-elon-musks-offer-take-1-billion-dollars-and-change-the-name/</link>
                    <description><![CDATA[पटना: टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क आए दिन अपने एक्स-पोस्ट की वजह से खबरों में बने रहते हैं। उनके द्वारा अक्सर ऐसे पोस्ट किए जाते हैं जिनकी चर्चा दुनिया भर की मीडिया में होती है. उन्होंने विकिपीडिया के नाम को लेकर भी कुछ ऐसा ही पोस्ट किया है. दरअसल, एलन मस्क चाहते हैं [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-26T143936.448.jpg"/><strong>पटना:</strong> टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क आए दिन अपने एक्स-पोस्ट की वजह से खबरों में बने रहते हैं। उनके द्वारा अक्सर ऐसे पोस्ट किए जाते हैं जिनकी चर्चा दुनिया भर की मीडिया में होती है. उन्होंने विकिपीडिया के नाम को लेकर भी कुछ ऐसा ही पोस्ट किया है. दरअसल, एलन मस्क चाहते हैं कि विकिपीडिया अपना नाम बदले।
<h2><strong>एक्स पर पोस्ट कर दी सलाह</strong></h2>
इसके लिए वह पहले ही विकिपीडिया को बड़ी रकम देने की बात कर चुके हैं। अब अपनी बात दोहराते हुए एलन मस्क ने एक्स पर पोस्ट किया कि वह एक बार फिर विकिपीडिया को 1 बिलियन डॉलर देने की पेशकश कर रहे हैं, लेकिन शर्त वही है कि उसे अपना नाम बदलना होगा।
<h2><strong>ये नाम रखने की दी थी सलाह</strong></h2>
दरअसल, पिछले साल अक्टूबर 2023 में मस्क ने मजाक में पेशकश की थी कि अगर विकिपीडिया अपना नाम बदलकर "Dickipedia" कर लेगा तो वह 1 बिलियन डॉलर देंगे। हाल ही में, जब ट्विटर यूजर जॉन मिम्स ने मस्क से पूछा, "क्या यह ऑफर अभी भी वैध है?", मस्क ने जवाब दिया, "हां, ऑफर अभी भी वैध है। आइए इसे करें..."
<h2><strong>विकिपीडिया मांगती है पैसे</strong></h2>
&nbsp;

मस्क ने विकिपीडिया को लेकर मजाकिया अंदाज में कहा कि जब भी वह विकिपीडिया पर कोई पेज खोलते हैं, तो साइट फंडिंग के लिए पैसे मांगती रहती है। एक पूर्व यूजर पीट ने एक मजेदार मीम शेयर किया जिसमें उन्होंने 'विकिपीडिया' के लिए लिखा, "जब भी मैं इसका पेज खोलता हूं तो विकिपीडिया पैसे मांगने लगता है।" इस पर मस्क ने हंसते हुए जवाब दिया, "हर बार!"

&nbsp;]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 26, 2025, 9:10 am</pubDate>
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                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[बेटियों के लिए निवेश करें केवल 3000 महीना, बदले में पाए 10 लाख रुपए]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/business/invest-only-3000-rupees-per-month-for-your-daughters-and-get-10-lakh-rupees-in-return/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। सुकन्या समृद्धि योजना भारत सरकार की ओर से बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए चलाई गई योजना है। यह योजना उनकी शिक्षा और शादी के खर्च को ध्यान में रखकर शुरू की गई थी। सुकन्या समृद्धि योजना एक बेहतरीन और छोटी बचत करने का एक तरीका है। यह योजना बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-26T143936.448.jpg"/><strong>पटना।</strong> सुकन्या समृद्धि योजना भारत सरकार की ओर से बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए चलाई गई योजना है। यह योजना उनकी शिक्षा और शादी के खर्च को ध्यान में रखकर शुरू की गई थी। सुकन्या समृद्धि योजना एक बेहतरीन और छोटी बचत करने का एक तरीका है। यह योजना बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुरू की गई थी।
<h2><strong>10 लाख पाने की निवेश योजना</strong></h2>
इस योजना में निवेश पर सरकार द्वारा आकर्षक ब्याज दर और टैक्स बेनेफिट दिए जाते हैं। अगर आप भी अपनी बेटी का भविष्य उज्ज्वल बनाना चाहते है तो इस योजना का फायदा उठा सकते हैं। इस योजना में निवेश करके उसका जीवन सुखी-संपन्न बनाना सकते हैं। इस योजना में आपको हर महीने केवल 3000 रुपये जमा करने होंगे। इतना करने के बाद आपकी बेटी को 10 लाख रुपये मिलेंगे। आइए, इसका तरीका जानते हैं.
<h3><strong>कितने रुपए करें निवेश</strong></h3>
अगर आप चाहते है कि आपकी बेटी का भविष्य उज्जवल हो या बेटी के पास 10 लाख रुपए का कोष हो तो आपको सुकन्या समृद्धि योजना में प्रत्येक महीने केवल 3000 हजार का निवेश करना होगा। इस योजना की वर्तमान ब्याज दर 8% है, जो समय-समय पर सरकार द्वारा संशोधित की जाती है। सुकन्या समृद्धि योजना में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना जमा कर सकते है।
<h3><strong>सुकन्या समृद्धि योजना का फायदा</strong></h3>
इस योजना में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि योजना पर मिलने वाला रिर्टन बाकी योजना के मुकाबले बेहतर है। इस योजना पर मिलने वाला रिटर्न पीपीएफ और एफडी की तुलना में ज्यादा है। इस योजना के तहत आपकों मूल धन पर 8 प्रतिशत का ब्याज मिलता है। इस योजना पर टैक्स बेनिफिट ज्यादा है, क्योंकि यह योजना बेटियों के भविष्य को ध्यान में रखकर चलाई जा रही है। योजना में निवेश, ब्याज और मेच्योरिटी तीनों पर 80सी के तहत टैक्स की छूट मिलती है। यह एक भरोसेमंद स्कीम है क्योंकि यह सरकार द्वारा समर्थित की जा रही है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 26, 2025, 9:10 am</pubDate>
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                    <copyright>Inkhabar</copyright>
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                  </item></channel></rss>