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Saphala Ekadashi: साल की आखिरी एकादशी 25 या 26 दिसंबर को, जानें सबकुछ यहां

पटना: सफला एकादशी का व्रत हर साल पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। लेकिन इस बार लोगों में 25 या 26 दिसंबर को लेकर संसय बना हुआ है। इसको लेकर भक्तों के मन में कई सवाल है. वहीं इस व्रत का महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि इसे करने से जीवन […]

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  • December 19, 2024 7:32 am IST, Updated 4 months ago

पटना: सफला एकादशी का व्रत हर साल पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। लेकिन इस बार लोगों में 25 या 26 दिसंबर को लेकर संसय बना हुआ है। इसको लेकर भक्तों के मन में कई सवाल है. वहीं इस व्रत का महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि इसे करने से जीवन में समृद्धि और सफलता मिलती है। अगर आप भी इस व्रत के सही दिन और समय को लेकर असमंजस में हैं तो यहां जानें इसकी सही तारीख और पूजा का समय।

हिंदू धर्म में सफला एकादशी खास

सफला एकादशी हिंदू धर्म में एक विशेष दिन माना जाता है, जो पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से समृद्धि, शुभता आती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस वर्ष सफला एकादशी का व्रत 25 दिसंबर 2024 को रात 10:29 बजे शुरू होगा और 27 दिसंबर 2024 को सुबह 12:43 बजे समाप्त होगा। इसलिए व्रती 27 दिसंबर को पारण करेंगी.

व्रत रखने से वैकुंठ की प्राप्ति

सफला एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत न केवल व्यक्तिगत सफलता पाने के लिए है बल्कि जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने का भी उपाय है। जो भक्त इस दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करते हैं, उन्हें भगवान विष्णु के दिव्य निवास वैकुंठ की प्राप्ति होती है, जिसे मोक्ष का प्रवेश द्वार माना जाता है।

ये है पूजा मुहूर्त

शुभ समय: सुबह 7:11 से 8:29 तक
लाभ मुहूर्त: दोपहर 12:21 से 1:39 बजे तक
अमृत ​​मुहूर्त: दोपहर 1:39 बजे से 2:56 बजे तक
शुभ समय: शाम 4:13 बजे से शाम 5:31 बजे तक
अमृत ​​मुहूर्त: शाम 5:31 बजे से शाम 7:13 बजे तक


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